शिक्षा: हिंदी दिवस पर क्वांटम विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक उत्सव, छात्रों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

हिंदी दिवस पर क्वांटम विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक उत्सव, छात्रों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

रूड़की। क्वांटम विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हिंदी भाषा की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक दौर में उसकी प्रासंगिकता को विविध प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हिंदी के प्रति अपने जुड़ाव और रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात भाषा विद्वान प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री रहे।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक चेतना की महत्वपूर्ण धुरी है। उन्होंने छात्रों से हिंदी लेखन, वाचन और संचार कौशल को विकसित कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेक कुमार, क्वांटम स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक प्रो. डॉ. मनीष श्रीवास्तव, क्वांटम स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. डॉ. बृजमोहन सिंह, कुलसचिव प्रो. डॉ. अमित दीक्षित सहित अनेक शिक्षाविदों और संकाय सदस्यों की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने हिंदी भाषा के संरक्षण और संवर्धन में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

हिंदी दिवस समारोह के तहत हिंदी गायन, लोक नृत्य, पोस्टर निर्माण, रील निर्माण, रचनात्मक लेखन, वक्तृता और कहानी वाचन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

हिंदी गायन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पुराने और समकालीन गीतों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं, जबकि लोक नृत्य कार्यक्रमों में भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली।

पोस्टर और रील निर्माण प्रतियोगिताओं में छात्रों ने डिजिटल युग में हिंदी की उपयोगिता और प्रभाव को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। रचनात्मक लेखन और कहानी वाचन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने हिंदी साहित्य की गहराई और अभिव्यक्ति क्षमता का परिचय दिया।

वहीं वक्तृता प्रतियोगिता कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें प्रतिभागियों ने हिंदी की राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता में भूमिका पर प्रभावशाली विचार रखे।

क्वांटम स्कूल के मीडिया अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. चेतन भट्ट और मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नाज़नीन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी भाषा भारतीय पहचान की आधारशिला है और यह युवाओं की रचनात्मकता को नई दिशा देने में सक्षम है।

उन्होंने छात्रों को हिंदी के माध्यम से अपने विचारों और प्रतिभा को व्यापक मंच तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर सुश्री मानवी त्यागी तथा मीडिया अध्ययन एवं मानविकी विभाग के विद्यार्थियों ने किया। आयोजन के सफल संचालन में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी और संकाय सदस्यों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

समारोह के अंत में मुख्य अतिथि प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।

छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। हिंदी दिवस का यह आयोजन हिंदी भाषा के सांस्कृतिक और भाषाई महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।