राजनीति: कांग्रेस का चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा, NSUI में निष्कासन और नेताओं पर दर्ज हुए मुकदमे

कांग्रेस का चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा, NSUI में निष्कासन और नेताओं पर दर्ज हुए मुकदमे

देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठनों ने चुनाव आयोग, मतदाता सूची पुनरीक्षण और छात्र राजनीति से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज कर दिया है।

एक ओर इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध में 8 अक्टूबर को राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।

वहीं दूसरी ओर छात्रसंघ चुनाव के बाद एनएसयूआई ने अपने ही पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इसी बीच एसएसपी आवास और कैंप कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं पर मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।

8 अक्टूबर को निकलेगा ‘लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ’ मार्च

कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के घटक दलों की बैठक हुई। बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद गोदियाल ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं और 8 अक्टूबर को देहरादून के गांधी पार्क से मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

छात्रसंघ चुनाव के बाद NSUI का अनुशासनात्मक एक्शन

विश्वविद्यालय और महाविद्यालय छात्रसंघ चुनाव संपन्न होने के बाद एनएसयूआई ने संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में चमोली जिला अध्यक्ष विपिन फर्स्वाण को पद से निष्कासित कर दिया।

संगठन का आरोप है कि उन्होंने चुनाव के दौरान अधिकृत उम्मीदवारों के बजाय दूसरे छात्र संगठन के पक्ष में काम किया। इसके अलावा गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, जोशीमठ, नारायणबगड़ और नंदानगर घाट के पांच विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों को भी तत्काल प्रभाव से संगठन से बाहर कर दिया गया।

हालांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए दावा किया कि संगठन ने कई संस्थानों में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में प्रशासनिक हस्तक्षेप और कथित धांधली के आरोप भी लगाए।

SSP आवास प्रदर्शन मामले में दो मुकदमे

डीएवी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव से पहले हुए प्रदर्शनों को लेकर देहरादून पुलिस ने कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर सड़क बाधित करने, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने, नारेबाजी करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों मामलों में 16 नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

कोतवाली नगर में दर्ज मुकदमे में आयुष गुप्ता, विनीत प्रसाद भट्ट, सिद्धार्थ, मुकेश बसड़ा और अभिनव कफालिया समेत पांच लोगों को नामजद किया गया है।

वहीं डालनवाला थाने में दर्ज मुकदमे में कांग्रेस प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट, पार्षद आयुष गुप्ता, छात्र नेता सौरभ सेमवाल, रॉबिन त्यागी, तेजस्वी राणा समेत 11 लोगों को नामजद किया गया है।

छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध से शुरू हुआ विवाद

कांग्रेस और एनएसयूआई का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले छात्र नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक प्रेरित थी और इसका उद्देश्य चुनावी माहौल को प्रभावित करना था।

इसी के विरोध में कार्यकर्ताओं ने एसएसपी आवास और कैंप कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी।

अब आगामी 8 अक्टूबर को प्रस्तावित इंडिया गठबंधन के मार्च और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को लेकर प्रदेश की राजनीति में नया सियासी टकराव देखने को मिल सकता है।