राजनीति: अंकिता को न्याय, विधायक को सुरक्षा और गैरसैंण में लंबा सत्र! कांग्रेस ने उठाए तीन बड़े मुद्दे

अंकिता को न्याय, विधायक को सुरक्षा और गैरसैंण में लंबा सत्र! कांग्रेस ने उठाए तीन बड़े मुद्दे

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है। हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

भावुक होकर उन्होंने न्याय की गुहार लगाई और गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान खौफनाक कदम उठाने की चेतावनी दी। उधर, अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की नियुक्ति को लेकर उनके माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए हैं।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उनसे मुलाकात कर न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गैरसैंण में कम से कम 10 से 12 दिन का विधानसभा सत्र आयोजित करने की मांग उठाकर सरकार को घेरा है।

सुमित हृदयेश के आरोपों से मचा हड़कंप

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में एक बड़ा गिरोह नेताओं के फोन टैप कर रहा है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

उन्होंने आशंका जताई कि उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट कराकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। साथ ही एआई के जरिए उनकी आवाज की फर्जी रिकॉर्डिंग और वीडियो तैयार कर वायरल किए जाने की आशंका भी जताई।

विधायक का दावा है कि उन्होंने अप्रैल 2025 में तत्कालीन एसएसपी को लिखित शिकायत दी थी और मुख्यमंत्री के सामने भी मामला उठाया था। उन्होंने अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

भावुक होते हुए हृदयेश ने गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान खौफनाक कदम उठाने की चेतावनी दी और अपनी विधायकी छोड़ने तक की पेशकश की। हालांकि, फोन टैपिंग और कथित साजिश से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अंकिता के माता-पिता का दिल्ली में धरना, राहुल-प्रियंका ने दिया साथ

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की नियुक्ति को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक संबंधित नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

धरने की जानकारी मिलने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। राहुल गांधी ने परिवार को न्याय की लड़ाई में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि नियुक्ति की खबर से परिवार को गहरा धक्का लगा है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। अंकिता की मां सोनी देवी ने भी इस घटनाक्रम पर दुख जताया।

कथित वीआईपी की भूमिका पर फिर उठे सवाल

सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर व अंकित को अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने इस पहलू की जांच के लिए सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। अब जांच पूरी होने से पहले नियुक्ति का मुद्दा राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।

गैरसैंण में 10-12 दिन का सत्र कराने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में कम से कम 10 से 12 दिन का सत्र होना चाहिए।

दो दिन का सत्र जनता के मुद्दों को उठाने और सरकार से जवाब मांगने के लिए पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर विधानसभा में पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए।

चुनाव से पहले कांग्रेस की सियासी सक्रियता बढ़ी

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में जुटी है। इसी क्रम में चकराता, सहसपुर और विकासनगर क्षेत्रों से राजनीतिक, सैन्य एवं प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े कई लोगों के कांग्रेस में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। पार्टी नए लोगों को जोड़कर अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

एक तरफ विधायक सुमित हृदयेश के सुरक्षा संबंधी आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा की है, तो दूसरी तरफ अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग और गैरसैंण सत्र की अवधि को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। विधानसभा चुनाव से पहले ये मुद्दे उत्तराखंड की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।