बिग ब्रेकिंग: भूमि विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, राजस्व सचिव को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश

भूमि विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, राजस्व सचिव को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जमीन को सरप्लस घोषित किए जाने से जुड़े मामले में राजस्व सचिव को जांच कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने राज्य सरकार के अधिवक्ता के माध्यम से लिखित निर्देश प्रस्तुत करने को कहा है कि संबंधित जमीन को भूमि जोत सीमा निर्धारण अधिनियम (Imposition of Ceiling on Land Holdings Act) के तहत चल रही कार्यवाही में सरप्लस घोषित किया गया है या नहीं।

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने विकेश सिंह नेगी बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य मामले में 14 अक्टूबर 2026 को पारित किया।

सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित जमीन को सरप्लस घोषित नहीं किया गया है और याचिका में किए गए दावे सही नहीं हैं।

अदालत ने राजस्व सचिव को इस पहलू की जांच कर राज्य के अधिवक्ता को लिखित निर्देश देने को कहा है। साथ ही निर्देशों को अगली सुनवाई से पहले अदालत के समक्ष रखने के आदेश दिए हैं।

रजिस्ट्री को आदेश की प्रति 24 घंटे के भीतर राजस्व सचिव को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजने का निर्देश भी दिया गया है।

7 जुलाई 2022 का अंतरिम आदेश जारी रहेगा
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में 7 जुलाई 2022 को पारित अंतरिम आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा।

अदालत ने याचिका को 4 नवंबर 2026 को नए सिरे से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। अब राजस्व विभाग की रिपोर्ट और जमीन की स्थिति पर सरकार के जवाब के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।