क्राइम रिपोर्ट: पटाखा कारोबारियों से 92 लाख वसूले, केदारताल में दो शव मिले, रुड़की में फाइनेंस कंपनी में लगी आग

पटाखा कारोबारियों से 92 लाख वसूले, केदारताल में दो शव मिले, रुड़की में फाइनेंस कंपनी में लगी आग

देहरादून। उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाक्रमों के बीच राज्य कर विभाग ने दीपावली से पहले पटाखा कारोबारियों पर शिकंजा कसते हुए छह फर्मों से 92 लाख रुपये जमा कराए हैं।

वहीं, उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन के बाद लापता आठ लोगों में से दो के शव बरामद हुए हैं, जबकि छह अन्य की तलाश जारी है।

दूसरी ओर, हरिद्वार जिले के रुड़की में देर रात श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तीनों घटनाक्रमों ने मंगलवार को प्रदेश में सुर्खियां बटोरीं।

पटाखा कारोबारियों पर राज्य कर विभाग की कार्रवाई, छह फर्मों से 92 लाख जमा

दीपावली के त्योहार पर पटाखों की बढ़ती बिक्री के बीच कर चोरी की आशंका को देखते हुए राज्य कर विभाग ने कारोबारियों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है।

आयुक्त कर उत्तराखंड प्रतीक जैन के निर्देश पर विभाग की अलग-अलग टीमों ने देहरादून, ऋषिकेश और विकासनगर में पटाखा कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर जांच एवं सर्वे की कार्रवाई की। इस दौरान छह फर्मों से कुल 92 लाख रुपये जमा कराए गए।

राज्य कर देहरादून के संयुक्त आयुक्त अजय कुमार ने अभियान के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया था। टीमों ने कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खरीद-बिक्री, स्टॉक और अन्य व्यावसायिक दस्तावेजों का सत्यापन किया।

जांच के दौरान कारोबार से संबंधित अभिलेखों का मिलान भी किया गया। हालांकि, विभाग की ओर से संबंधित फर्मों के नाम और प्रत्येक फर्म से जमा कराई गई धनराशि का अलग-अलग ब्योरा जारी नहीं किया गया है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, त्योहारी सीजन में पटाखों का कारोबार बढ़ने के साथ ही खरीद-बिक्री और स्टॉक का सही ब्योरा दर्ज होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया, ताकि बिक्री से मिलने वाले कर राजस्व का संरक्षण किया जा सके।

कार्रवाई उप आयुक्त सुरेश कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में सहायक आयुक्त टीका राम चन्याल, कृष्ण कुमार, चंचल सिंह चौहान और अलीशा बिष्ट सहित राज्य कर अधिकारी कंचन थापा, यतीश सेमवाल, रामलाल जोशी, भूपेंद्र जंगपांगी, वीरेंद्र सिंह रावत और अनुज जैन शामिल रहे।

केदारताल ट्रेक हादसा: दो लापता ट्रेकर्स के शव बरामद, छह की तलाश जारी

उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हुए आठ लोगों में से दो के शव मंगलवार को बरामद कर लिए गए। सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के दौरान एक महिला और एक पुरुष पर्वतारोही का शव मिला है।

हालांकि, अभी छह अन्य लापता लोगों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हैं।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे केदारताल क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया गया। एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) सहित अन्य रेस्क्यू एजेंसियों की टीमें अभियान में जुटी रहीं।

कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद हुआ। दोपहर करीब तीन बजे तक अभियान चलाने के बाद रेस्क्यू टीम बेस कैंप लौट आई। बुधवार को मौसम और परिस्थितियों के अनुसार दोबारा सर्च अभियान चलाकर शेष छह लोगों की तलाश की जाएगी।

लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के पांच ट्रेकर्स तपस बाउरी (30), रतन घोष (23), मनोज खोवास (39), रिंटू मंडल (40) और उदय घोष (30) शामिल हैं।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर्स वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) तथा उत्तरकाशी के स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा (25) भी लापता हैं। अभी तक बरामद दोनों शवों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रेस्क्यू के लिए 4005 मीटर की ऊंचाई पर हेलीपैड की तैयारी

रेस्क्यू अभियान को गति देने और दुर्गम क्षेत्र तक राहत एवं बचाव दल की पहुंच आसान बनाने के लिए घटनास्थल के समीप वैकल्पिक हेलीपैड तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए समुद्रतल से करीब 4005 मीटर की ऊंचाई पर स्थान चिह्नित किया गया है।

यहां हेलीकॉप्टर उतारने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू टीम और आवश्यक उपकरणों को घटनास्थल के नजदीक पहुंचाया जा सके। इससे अभियान में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

27 अक्टूबर को रवाना हुआ था 13 सदस्यीय दल

बीते 27 अक्टूबर को गंगोत्री से सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 सदस्यीय दल केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। इसमें शामिल एक कुक अगले ही दिन गंगोत्री लौट आया था। दल के अन्य सदस्यों को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन खराब मौसम और हिमस्खलन के कारण वे रास्ते में फंस गए।

30 अक्टूबर को सर्च एवं रेस्क्यू टीम ने अभियान की कमान संभाली थी। इस दौरान चार हजार मीटर की ऊंचाई पर फंसे तीन पोर्टर और एक कुक को सुरक्षित बचाकर कैंप तक पहुंचाया गया।

इसके बाद सात ट्रेकर्स और एक गाइड की तलाश जारी रही। अब दो शव बरामद होने के बाद भी छह लोगों की तलाश रेस्क्यू टीमों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।

रुड़की में श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में भीषण आग

उधर, हरिद्वार जिले के रुड़की में सोमवार देर रात श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मालवीय चौक के पास गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में स्थित कार्यालय से आग की लपटें और घना धुआं उठता देख आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के मुताबिक, फायर स्टेशन रुड़की को मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) के माध्यम से कार्यालय में आग लगने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

सूचना पर दमकल कर्मी मिनी प्रेशर वैन के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में प्रथम तल स्थित कार्यालय में भीषण आग और धुआं पाया गया।

दमकल कर्मियों ने तत्काल होज रील के माध्यम से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त फायर टेंडर भी बुलाया गया। इसके बाद पंपिंग के जरिए होज लाइन बिछाकर कार्यालय में लगातार पानी डाला गया और आग पर काबू पाया गया।

दमकल कर्मियों ने आग को भवन के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए जले हुए सामान की जांच की और अंदर मौजूद सुलगते पदार्थों तथा चिंगारियों को भी बुझाया।

इस दौरान भवन की दूसरी मंजिल पर काफी मात्रा में धुआं पाया गया, हालांकि वहां आग नहीं पहुंची थी। अग्निशमन विभाग के फायरमैन अतर सिंह राणा के अनुसार, टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।