बिग ब्रेकिंग: रेखा आर्या के पति की याचिका पर फैसला सुरक्षित, पाइंस श्मशान घाट को मिलेगी सड़क

रेखा आर्या के पति की याचिका पर फैसला सुरक्षित, पाइंस श्मशान घाट को मिलेगी सड़क

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को दो महत्वपूर्ण मामलों में सुनवाई हुई। एक ओर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने संबंधी याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

वहीं, नैनीताल के पाइंस श्मशान घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो महीने के भीतर सड़क निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर फैसला सुरक्षित

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। याचिका में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई है।

सुनवाई के दौरान मंत्री रेखा आर्या की ओर से कहा गया कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।गिरधारी लाल साहू ने उनको सभी कंपनियों से हटा दिया गया है और उनके 80 प्रतिशत शेयर भी बेच दिए गए हैं।

इससे उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी ओर से याचिका खारिज करने की मांग की गई।

वहीं, गिरधारी लाल साहू की ओर से अदालत में कहा गया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा निरस्त किए जाने योग्य है, क्योंकि सभी आरोप गलत तथ्यों पर आधारित हैं।

उन्होंने किसी को डराने या धमकाने की बात से भी इनकार किया। उनकी ओर से कहा गया कि सभी कंपनियों में उनके शेयर अभी भी मौजूद हैं और जिन कंपनियों से उन्हें हटाया गया।

वहां उनकी सहमति ली गई थी। किसी तरह के फर्जी हस्ताक्षर नहीं किए गए। इसके अलावा उनके राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने में भी उन्होंने पूरा सहयोग किया है।

याचिका में गिरधारी लाल साहू ने कहा कि उनके खिलाफ गलत तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।

उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी और तभी से वह अपनी पत्नी के साथ रह रहे हैं। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने खुद को अविवाहित बताकर शादी की, जबकि शादी के समय वह पहले से विवाहित थे।

उन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें कई कंपनियों के निदेशक पद से हटाया। इसके अलावा जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि उनकी पत्नी रेखा आर्या के मंत्री बनने के बाद उन्होंने 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की। इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की गई है।

उनका कहना है कि शादी को 22 वर्ष हो चुके हैं और उनके बीच कभी इस तरह का विवाद नहीं रहा। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

पाइंस श्मशान घाट तक दो माह में बनेगी सड़क, हाईकोर्ट सख्त

नैनीताल के पाइंस श्मशान घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो महीने के भीतर सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवाड़ी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि सड़क का निर्माण जल्द से जल्द किया जाए, ताकि बुजुर्ग और दिव्यांग लोग भी अपने परिजनों और साथियों की अंतिम यात्रा में शामिल हो सकें।

सुनवाई के दौरान वन विभाग की ओर से अदालत को बताया गया कि सड़क निर्माण का मामला केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास विचाराधीन है और अभी तक आवश्यक अनुमति नहीं मिली है।

इस पर अदालत ने सहज टिप्पणी करते हुए कहा, “एक दिन तो सभी को वहां जाना है, इसलिए वहां जाने के लिए सुविधाएं होनी चाहिए, ताकि वे अपने परिजनों को अंतिम विदाई दे सकें।”

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सड़क का सर्वे काफी समय पहले जिलाधिकारी और कमिश्नर की संस्तुति पर हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

मामले के अनुसार नैनीताल निवासी मनोज साह जगाती ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पाइंस श्मशान घाट तक मोटर मार्ग नहीं होने के कारण लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इसके अलावा श्मशान घाट में पानी, बैठने की व्यवस्था और लकड़ियों जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।

याचिका में अदालत से श्मशान घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने और वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को दो महीने के भीतर सड़क निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।