इधर छात्रों का बवाल, उधर में बच्चों में खौफ! SIM Box नेटवर्क का भंडाफोड़, किच्छा में सियासी टकराव
देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार को अलग-अलग जिलों से चार ऐसे मामले सामने आए, जिन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षण संस्थानों और चुनावी माहौल को लेकर चर्चा बढ़ा दी।
रुड़की की एक यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद के बाद फायरिंग की सूचना से हड़कंप मच गया। खटीमा के निजी स्कूल में बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए कराई गई डराने वाली गतिविधि का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
वहीं बाजपुर में एसटीएफ ने अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। किच्छा में नगर निकाय चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच विवाद के बाद विधायक और पूर्व विधायक को पुलिस ने हिरासत में लिया।
रुड़की यूनिवर्सिटी में छात्र गुटों का विवाद, फायरिंग की सूचना
रुड़की की एक यूनिवर्सिटी में सोमवार को छात्रों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। मामला बढ़ने पर एक गुट की ओर से कुछ बाहरी युवकों को मौके पर बुलाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और हंगामा शुरू हो गया।
इसी दौरान एक युवक द्वारा कथित तौर पर हवाई फायरिंग किए जाने की सूचना मिली। फायरिंग की खबर से यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही भगवानपुर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों गुटों के लोग वहां से निकल चुके थे।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और विवाद की वजह तथा कथित फायरिंग करने वाले युवक की पहचान के संबंध में जानकारी जुटाई।
भगवानपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि संस्थान में झगड़े की सूचना मिली थी और मामले की जांच की जा रही है। अभी किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, फायरिंग की सूचना को लेकर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कहा कि एक आवाज सुनाई दी थी और इसके बाद मौके की ओर गए थे। प्रबंधन ने आवाज को पटाखे की बताया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
खटीमा में मोबाइल से दूर रखने के लिए बच्चों को डराने का वीडियो वायरल
खटीमा के एक निजी स्कूल में बच्चों को मोबाइल फोन, गेमिंग और सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए कराई गई एक गतिविधि का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक बच्चे की आंखों पर पट्टी बांधकर कथित तौर पर यह बताया गया कि ज्यादा मोबाइल चलाने के कारण डॉक्टर ने उसकी दोनों आंखें निकाल दीं।
यह सुनकर कई बच्चे रोते और चिल्लाते नजर आए। कुछ बच्चे घबराए हुए दिखाई दिए और मोबाइल फोन नहीं चलाने की बात कहते नजर आए। वीडियो में एक शिक्षिका बच्चों से मोबाइल चलाने के लिए कहती हुई भी दिखाई दे रही हैं, जबकि बच्चे इसका विरोध करते नजर आते हैं।
स्कूल की ओर से गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल के संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना बताया जा रहा है। हालांकि, बच्चों पर पड़े भावनात्मक प्रभाव को लेकर सवाल उठने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है।
उधम सिंह नगर के मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि खटीमा खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।
बाजपुर में अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश
उधम सिंह नगर के बाजपुर में उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर कुमाऊं यूनिट ने अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए विदेशी और VoIP कॉल को भारतीय मोबाइल नंबरों में परिवर्तित किया जाता था, जिससे कॉल करने वाले की पहचान और लोकेशन छिपाने में मदद मिल सकती थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो SIM Box, 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम कार्ड, राउटर, मोबाइल फोन और अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद किए। मामले में मुरादाबाद निवासी 24 वर्षीय कादिर को गिरफ्तार किया गया है।
एसटीएफ के मुताबिक, बाजपुर के मुड़िया क्षेत्र में एक मकान से यह अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बांग्लादेश के साइबर अपराधियों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस को आशंका है कि इस तरह के नेटवर्क का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, फर्जी अधिकारी बनकर ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किया जा सकता है।
एसटीएफ अब आरोपी के साइबर नेटवर्क, बैंक खातों, विदेशी संपर्कों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंट भी जांच के दायरे में हैं।
किच्छा स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस-भाजपा नेताओं में विवाद
किच्छा नगर निकाय चुनाव के मतदान के दौरान स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया। स्ट्रांग रूम के सामने तिरपाल लगाए जाने का कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने विरोध किया और धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह भी समर्थकों के साथ धरने में शामिल हो गए। इसी दौरान भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। राजेश शुक्ला और कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के बीच हाथापाई होने की बात भी सामने आई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ तथा पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को हिरासत में लिया।
मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं।
विधायक तिलकराज बेहड़ ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई, जबकि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनके साथ कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थकों ने हाथापाई की।
किच्छा नगर पालिका चुनाव में मतदान के बाद मतगणना को लेकर मामला न्यायालय में लंबित है और फिलहाल मतगणना अगले आदेश तक स्थगित है। स्ट्रांग रूम के बाहर पुलिस बल तैनात है और पुलिस ने लोगों को स्ट्रांग रूम से 500 मीटर दूर रहने के निर्देश दिए हैं।


