धार्मिक: चारधाम-हेमकुंड यात्रा में आस्था का रिकॉर्ड विस्फोट, 52.59 लाख पंजीकरण से बना नया इतिहास

चारधाम-हेमकुंड यात्रा में आस्था का रिकॉर्ड विस्फोट, 52.59 लाख पंजीकरण से बना नया इतिहास

चमोली। सिख धर्म के पवित्र तीर्थस्थल गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड स्थापित करती दिखाई दे रही है। यात्रा सीजन शुरू होने के महज एक महीने के भीतर ही श्रद्धालुओं की संख्या 1.32 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है।

खास बात यह है कि 16 जून को कर्णप्रयाग में कुछ सिख तीर्थयात्रियों के साथ हुए विवाद के बावजूद यात्रा के सौहार्दपूर्ण वातावरण और श्रद्धालुओं के उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्रतिदिन करीब पांच हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचकर मत्था टेक रहे हैं।

राज्य सरकार के चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा बुलेटिन के अनुसार 23 जून तक हेमकुंड साहिब के लिए कुल 2,01,133 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। वहीं 24 और 25 जून के लिए भी 7,334 श्रद्धालुओं का अग्रिम पंजीकरण हो चुका है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रा में और तेजी आने की संभावना है।

23 मई को कपाट खुलने के बाद से लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या इस बार यात्रा के प्रति लोगों की गहरी आस्था और उत्साह को दर्शाती है।

गोविंदघाट से लेकर घांघरिया और सात किलोमीटर लंबे पैदल यात्रा मार्ग पर हर दिन हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही देखी जा रही है। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब परिसर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

सोमवार 22 जून को यात्रा ने नया कीर्तिमान स्थापित किया, जब एक ही दिन में 5,136 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचे। वहीं 23 जून को भी 4,974 श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर के किनारे स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेका। इनमें 2,606 पुरुष, 1,898 महिलाएं और 470 बच्चे शामिल रहे।

यात्रा शुरू होने के बाद से 23 जून तक कुल 1,32,353 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच चुके हैं। इनमें 78,717 पुरुष, 47,074 महिलाएं और 6,562 बच्चे शामिल हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 हजार अधिक बताई जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि इस बार यात्रा अभूतपूर्व लोकप्रियता हासिल कर रही है।

यात्रा को गति मिलने का एक बड़ा कारण मौसम का अनुकूल होना भी है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर जमी बर्फ अब पूरी तरह पिघल चुकी है। इसके साथ ही पवित्र हेमकुंड सरोवर भी बर्फ से मुक्त हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा और दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

हालांकि आसपास की ऊंची पर्वत चोटियों पर अब भी बर्फ जमी हुई है, जिसके कारण क्षेत्र में ठंडक बनी हुई है। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरदार सेवा सिंह ने बताया कि यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है।

यात्रा मार्ग सुरक्षित है और बर्फ पिघल जाने के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो गई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं और पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 हजार अधिक यात्री अब तक दर्शन कर चुके हैं।

यात्रा के बेस कैंप घांघरिया में इन दिनों विशेष रौनक देखने को मिल रही है। होटल, धर्मशालाएं और गुरुद्वारे श्रद्धालुओं से भरे हुए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के साथ-साथ लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में भी दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

इस बीच हेमकुंड साहिब पहुंचे श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ भ्रामक और नकारात्मक सूचनाओं को वास्तविकता से परे बताया है। उनका कहना है कि यात्रा व्यवस्थाएं बेहतर हैं और कुछ लोग केवल लोकप्रियता तथा व्यूज हासिल करने के लिए गलत तस्वीर पेश कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं ने प्रशासन, पुलिस, स्थानीय लोगों और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि सभी एजेंसियां यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।

लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और सुचारू व्यवस्थाओं के बीच हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 अब एक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो इस वर्ष यात्रा सीजन के अंत तक अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं।