हरिद्वार में आस्था का महासंगम, भगवा पर संग्राम और अखाड़े में घमासान
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में एक ओर कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अपने चरम पर पहुंच गई है, वहीं दूसरी ओर संत समाज से जुड़े दो बड़े विवाद भी चर्चा में हैं।
जिला प्रशासन और पुलिस जहां लाखों शिवभक्तों की सेवा में जुटे हैं, वहीं सांसद पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर संसद में किए गए प्रदर्शन और नया उदासीन अखाड़े के अंदरूनी विवाद को लेकर संत समाज ने कड़ा रुख अपनाया है।
कांवड़ मेले में रविवार को डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने शंकराचार्य चौक पर कांवड़ियों का पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और फल-जूस वितरित कर स्वागत किया।
प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 50 लाख कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके हैं। मेले की सुरक्षा के लिए 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों, पैरामिलिट्री, पीएसी, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्तों की तैनाती की गई है।
इसी बीच संसद में भगवा वस्त्र पहनकर सांसद पप्पू यादव द्वारा किए गए प्रदर्शन पर हरिद्वार के संत समाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरी महाराज ने इसे सनातन परंपरा और भगवा का अपमान बताते हुए देशव्यापी विरोध की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि भगवा त्याग और तपस्या का प्रतीक है और उसका राजनीतिक प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस मुद्दे पर उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी सवाल उठाए।
उधर, कुंभ मेले से पहले नया उदासीन अखाड़ा एक बार फिर विवादों में आ गया है। पहले ‘असली-नकली देवता’ विवाद के बाद अब ‘असली-नकली गणेश दास’ को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए हैं।
महानिर्वाणी गुट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब से आए संत को असली गणेश दास बताते हुए दूसरे पक्ष पर फर्जी पहचान और धोखाधड़ी के आरोप लगाए। वहीं अखाड़ा परिषद ने पूरे मामले की पुलिस और न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
हरिद्वार में एक ओर जहां कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से जुटा है, वहीं धार्मिक और अखाड़ा राजनीति से जुड़े ये विवाद भी संत समाज के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।


