जमीन हड़पने के आरोप में दून ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के निदेशक समेत 3 पर मुकदमा
देहरादून। राजधानी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में जमीन हड़पने के लिए एक जीवित व्यक्ति को दस्तावेजों में मृत दिखाने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि दून ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के निदेशक डॉ. संजय चौधरी, उनकी मां ओमवती और चंद्रावती नामक महिला ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत जाली वसीयत, फर्जी श्मशान घाट की रसीद और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 0.4050 हेक्टेयर भूमि अपने पक्ष में दर्ज करा ली। मामले में कोर्ट के आदेश पर प्रेमनगर थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार श्यामलाल पुत्र स्वर्गीय ताराचंद निवासी सिमलासग्रांट, डोईवाला ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके पिता ताराचंद की जमीन को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
शिकायत के आधार पर प्रेमनगर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 216/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 504, 506 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपितों ने 3 अगस्त 1995 की एक कथित वसीयत तैयार की और बाद में एक फर्जी श्मशान घाट रसीद बनाकर ताराचंद की मृत्यु 14 जून 2002 दर्शा दी।
जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि ताराचंद का वास्तविक निधन 20 नवंबर 2016 को हुआ था, जिसका ग्राम पंचायत सिमलासग्रांट द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र भी मौजूद है। ऐसे में फर्जी दस्तावेजों में मृत्यु की तारीख वास्तविक मृत्यु से करीब 14 वर्ष पहले दर्शाई गई।
विवादित भूमि मौजा ईस्ट हॉप टाउन, परगना पछवादून, जिला देहरादून में स्थित है। शिकायत के अनुसार खाता संख्या 02040 में दर्ज इस भूमि में खसरा संख्या 34/8 का 0.1010 हेक्टेयर और खसरा संख्या 121 मि. का 0.3040 हेक्टेयर रकबा शामिल है।
कुल 0.4050 हेक्टेयर भूमि को कथित रूप से जाली दस्तावेजों के आधार पर राजस्व अभिलेखों में आरोपितों के पक्ष में दर्ज कराया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान कथित वसीयत, श्मशान घाट की रसीद, मृत्यु प्रमाण पत्र और राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। दस्तावेजों की सत्यता और नामांतरण प्रक्रिया की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



