रामनगर छात्रसंघ चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अध्यक्ष पद के मतों की फिर होगी गिनती
- NSUI प्रत्याशी की याचिका पर सुनवाई, मतपत्र और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रामनगर स्थित पीएनजी (प्यारेलाल नंदकिशोर गलबलिये) डिग्री कॉलेज छात्रसंघ चुनाव के अध्यक्ष पद के परिणाम पर बड़ा आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने छात्रसंघ अध्यक्ष पद के मतपत्रों की दोबारा गिनती (रिकाउंटिंग) कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मतगणना अध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशियों की मौजूदगी में कराने और मतपत्रों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के आदेश भी दिए हैं।
मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता और NSUI प्रत्याशी सूरज रावत ने अदालत में कहा कि 29 सितंबर को मतदान के बाद हुई मतगणना के दौरान उनके पक्ष में पड़े कई वैध मतों को अवैध घोषित कर दिया गया था।
उन्होंने इसकी शिकायत तत्काल चुनाव के दौरान गठित ‘शिकायत निवारण प्रकोष्ठ’ से की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
याचिका के अनुसार, मतगणना के बाद निर्दलीय प्रत्याशी नीरज कंडारी को 738 मतों के साथ विजयी घोषित किया गया, जबकि सूरज रावत को 733 वोट मिले। दोनों के बीच जीत-हार का अंतर केवल 5 मतों का रहा। वहीं, ABVP प्रत्याशी विशाखा चौहान को 383 मत प्राप्त हुए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने अध्यक्ष पद के मतों की दोबारा गिनती कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत के इस आदेश के बाद रामनगर कॉलेज छात्रसंघ चुनाव का परिणाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है और अब सभी की नजरें रिकाउंटिंग के नतीजों पर टिकी हैं।
गौरतलब है कि रामनगर कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में नीरज कंडारी अध्यक्ष, ईशा नेगी उपाध्यक्ष, रोहित जोशी सचिव, नेहा शर्मा संयुक्त सचिव, सृष्टि कोषाध्यक्ष (निर्विरोध), दीपांशु आर्य सांस्कृतिक सचिव और भुवनचंद जोशी विश्वविद्यालय प्रतिनिधि निर्वाचित हुए थे।



