राजनीति: रुद्रप्रयाग में सुरंग का ट्रायल शुरू, सफाई कर्मियों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान। कांग्रेस पर बरसे धामी

रुद्रप्रयाग में सुरंग का ट्रायल शुरू, सफाई कर्मियों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान। कांग्रेस पर बरसे धामी

देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विकास परियोजनाओं के निरीक्षण से लेकर कर्मचारियों के हितों और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।

रुद्रप्रयाग में चारधाम सड़क परियोजना के तहत करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल-सुरंग पर ट्रायल के आधार पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को रुद्रप्रयाग बाजार के जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

वहीं, देहरादून में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने के लिए जल्द बैठक करने और निर्णय लेने की बात कही।

इसके अलावा सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग को आगामी चारधाम यात्रा सीजन तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है।

रुद्रप्रयाग में पुल-सुरंग परियोजना से जाम से मिलेगी राहत

रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी पर बने करीब 200 मीटर लंबे पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग पर सोमवार से ट्रायल के आधार पर यातायात शुरू कर दिया गया है।

लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना की कुल लंबाई संपर्क मार्ग सहित करीब 1.18 किलोमीटर है। यह मार्ग केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107) को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07) से सीधे जोड़ेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परियोजना का निरीक्षण कर अधिकारियों से निर्माण कार्यों और यातायात संचालन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल्द ही परियोजना का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।

नियमित यातायात शुरू होने के बाद केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले वाहनों को रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे शहर में यातायात का दबाव कम होने के साथ स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे ढलान सुरक्षा और स्थिरीकरण कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन, स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

सफाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने की तैयारी

देहरादून में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की दिशा में जल्द निर्णय लेने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी प्रदेश की स्वच्छता व्यवस्था और नगर निकायों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके योगदान और परिश्रम का सम्मान करते हुए सरकार उनके हितों के प्रति संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, मानदेय में वृद्धि के संबंध में सफाई कर्मचारी संगठनों, नगर निकायों और संबंधित विभागों के साथ जल्द बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मानदेय बढ़ाने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए धामी ने कहा कि उन्होंने रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को पूरे विश्व तक पहुंचाया। रामायण सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्य, प्रेम, समानता और बंधुत्व का संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके विचारों, कर्मों और समाज के प्रति योगदान से होती है।

अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों के लिए योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है।

इसके साथ ही 15 निशुल्क छात्रावास, पांच आवासीय विद्यालय और तीन आईटीआई संचालित किए जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने बताया कि अटल आवास योजना के तहत आवासहीन अनुसूचित वर्ग के परिवारों को घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता देने की व्यवस्था है।

वहीं, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए अनुसूचित जाति के युवक या युवती से अंतरजातीय विवाह करने पर 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

धामी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्श समाज में समानता, सम्मान और सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।

सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग से 26 किलोमीटर की दूरी होगी कम

उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग को आगामी चारधाम यात्रा सीजन तक यातायात के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, सुरंग का सिविल निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने की योजना है। इसके बाद बिजली, प्रकाश व्यवस्था और अन्य इलेक्ट्रिकल कार्य किए जाएंगे।

करीब 4.5 किलोमीटर लंबी इस सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। परियोजना की लागत लगभग 858 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, लेकिन तकनीकी चुनौतियों और निर्माण संबंधी समस्याओं के कारण काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका।

सुरंग शुरू होने से यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा में करीब 26 किलोमीटर की दूरी कम होने की उम्मीद है। इससे समय और ईंधन की बचत होगी। हालांकि, सुरंग से नियमित यातायात शुरू होने की स्थिति शेष निर्माण कार्यों और जरूरी तैयारियों के पूरा होने पर निर्भर करेगी।

गौरतलब है कि 12 नवंबर 2023 को निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन के कारण 41 श्रमिक फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए करीब 17 दिनों तक बचाव अभियान चलाया गया था।

जनवरी 2024 में निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की अनुमति मिलने के बाद काम आगे बढ़ा और अप्रैल 2024 में सुरंग को आर-पार कर दिया गया।

इसके बाद सुरंग के करीब एक किलोमीटर हिस्से में आई विकृति के कारण री-प्रोफाइलिंग भी करनी पड़ी, जिसे निर्माण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार पूरा कर लिया गया है।

संगम लाइब्रेरी में 2,500 से अधिक पुस्तकें, सीएम ने भी दीं 150 किताबें

रुद्रप्रयाग में पुल-सुरंग परियोजना के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अभियान ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ के तहत संचालित संगम लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की पहल पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना और पुस्तकालयों को समृद्ध बनाना है।

प्रशासन के अनुसार, संगम पुस्तकालय को अब तक 2,500 से अधिक पुस्तकें मिल चुकी हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य और विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने भी अभियान में 150 पुस्तकें दान कीं।

धामी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकें ज्ञान अर्जित करने और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जनसहभागिता से पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने की ऐसी पहल युवाओं में पढ़ने और सीखने की संस्कृति को प्रोत्साहित करेगी।

खरगे की टिप्पणी पर भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।

भाजपा ने इस बयान के विरोध में देशभर में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की है। देहरादून में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में भी विरोध प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खरगे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए और इस तरह की टिप्पणी के लिए माफी मांगी जानी चाहिए।

धामी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की उत्तराखंड के लोगों को लेकर की गई टिप्पणी पर भी विरोध जताया। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा, मसूरी और खटीमा में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मान-सम्मान और स्वाभिमान से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के लोगों की भावनाओं और सम्मान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

विकास, कर्मचारी हित और राजनीति के बीच सरकार के सामने कई मुद्दे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सोमवार के कार्यक्रमों में एक ओर चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए सड़क और सुरंग परियोजनाओं पर जोर दिखाई दिया।

तो दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि और विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय जैसी पहलों को आगे बढ़ाने की बात सामने आई।

वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर जारी राजनीतिक विवाद के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी भी तेज रही।

रुद्रप्रयाग की पुल-सुरंग परियोजना और सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग जैसी योजनाओं से आगामी चारधाम यात्रा में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ नियमित यातायात संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और शेष निर्माण कार्य समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा। वहीं, सफाई कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।