चैंपियन का दो सीटों पर दांव, उर्मिला पर 5 करोड़ की रंगदारी का आरोप
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हरिद्वार जिले की सियासत में हलचल तेज होने लगी है। खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने खानपुर और लक्सर, दोनों विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।
वहीं, अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने सामने आकर उन पर ब्लैकमेलिंग, पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन दोनों घटनाक्रमों ने हरिद्वार जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है।
खानपुर और लक्सर दोनों सीटों से चुनाव लड़ेंगे चैंपियन
रुड़की के निकट लंढोरा स्थित अपने आवास रंगमहल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने समर्थकों के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति का संकेत दिया।
उन्होंने खानपुर और लक्सर, दोनों विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने का ऐलान किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के बीच उनका स्वागत किया गया।
समर्थकों को संबोधित करते हुए चैंपियन ने अपने राजनीतिक सफर और क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया।
उन्होंने आगामी चुनाव में जनता से समर्थन मांगते हुए कार्यकर्ताओं से अभी से तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उनके दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
विकास कार्यों को गिनाकर मांगा समर्थन
चैंपियन ने खानपुर क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों को अपनी उपलब्धियां बताते हुए लक्सर पुल के निर्माण, प्रमुख मार्गों के विकास और दल्लावाला में कन्या डिग्री कॉलेज की स्थापना का जिक्र किया।
उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार और घर-घर बिजली पहुंचाने के प्रयासों को भी अपनी उपलब्धियों में शामिल किया।
इसके अलावा उन्होंने बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तटबंधों और बांधों के निर्माण का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। इस दौरान उन्होंने समर्थकों से आगामी विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत दिलाने की अपील की।
कार्यक्रम में उनकी पत्नी रानी देवयानी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में जो कमियां रह गई थीं, उन्हें इस बार दूर करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद सामने आईं दीपिका राठौर
दूसरी ओर, हरिद्वार में अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। ज्वालापुर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई के लिए आभार जताया और उर्मिला सनावर पर गंभीर आरोप लगाए।
दीपिका राठौर का आरोप है कि उर्मिला सनावर लंबे समय से उन्हें और उनके परिवार को कथित तौर पर ब्लैकमेल कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की गई और हाल ही में फोन पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।
पांच करोड़ रुपये मांगने और रविदास धाम पर दबाव बनाने का आरोप
दीपिका राठौर के मुताबिक, 24 अक्टूबर को फोन कर उनसे पांच करोड़ रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रविदास धाम को अपने नाम कराने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। मांग पूरी नहीं करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मरवाने की धमकी दिए जाने का भी दावा किया गया।
दीपिका ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से कथित मानसिक उत्पीड़न का सामना कर रहा था। उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले उनकी तस्वीरों और वीडियो को एडिट कर वायरल किए जाने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, उस घटना के बाद वह गंभीर मानसिक तनाव से गुजरी थीं।
दीपिका ने बताया कि उस समय हालात इतने मुश्किल हो गए थे कि उनके मन में आत्मघाती कदम उठाने तक के विचार आए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा था और उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
दोनों घटनाक्रमों पर टिकी नजरें
हरिद्वार जिले में एक ओर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं, तो दूसरी ओर उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और दीपिका राठौर की ओर से लगाए गए आरोप चर्चा में हैं।
चैंपियन के खानपुर और लक्सर दोनों सीटों से चुनाव लड़ने के ऐलान का आगामी चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
वहीं, दीपिका राठौर की ओर से लगाए गए ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, दोनों घटनाक्रमों ने हरिद्वार जिले में राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा को तेज कर दिया है।



