राजनीति: राहुल गांधी मानहानि मामले में दोषमुक्त। द्वाराहाट में कांग्रेस की परिवर्तन शंखनाद रैली, 2027 के चुनाव का बिगुल

राहुल गांधी मानहानि मामले में दोषमुक्त। द्वाराहाट में कांग्रेस की परिवर्तन शंखनाद रैली, 2027 के चुनाव का बिगुल

देहरादून। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत से मानहानि मामले में राहत मिलने के साथ ही उत्तराखंड में कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सक्रियता तेज कर दी है।

एक ओर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।

वहीं दूसरी ओर अल्मोड़ा के द्वाराहाट में कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में आयोजित परिवर्तन शंखनाद रैली के जरिए पार्टी नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया।

रैली में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी।

सुल्तानपुर कोर्ट से राहुल गांधी को राहत

सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत के इस फैसले से वर्ष 2018 से चल रहे मामले में राहुल गांधी को राहत मिली है।

यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से दाखिल मानहानि के परिवाद से जुड़ा है। विजय मिश्र ने राहुल गांधी की कथित टिप्पणी को लेकर 4 अगस्त 2018 को अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में शुरू हुई।

मामले में दोनों पक्षों की बहस 13 अक्टूबर 2026 को पूरी हो गई थी। इसके बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली थी।

सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के अधिवक्ता ने लिखित बहस में दलील दी थी कि विवादित बयान सद्भावना के तहत दिया गया था और इसका उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं था। बचाव पक्ष ने यह तर्क भी दिया कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।

वहीं, परिवादी पक्ष ने विवादित बयान दिए जाने की बात स्वीकार किए जाने के आधार पर राहुल गांधी को दोषी ठहराने की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।

2018 से चल रहा था मामला

मानहानि मामले में 4 अगस्त 2018 को परिवाद दाखिल होने के बाद 27 नवंबर 2023 को अदालत ने राहुल गांधी को तलब किया था। वह 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिली।

इसके बाद 26 जुलाई 2024 को उनका बयान दर्ज किया गया। 20 फरवरी 2026 को उनका बयान दोबारा दर्ज हुआ, जबकि 2 मई 2026 को अदालत ने वॉयस सैंपल मिलान से संबंधित अर्जी खारिज कर दी थी।

अंततः 13 अक्टूबर को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद 26 अक्टूबर को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।

द्वाराहाट में परिवर्तन शंखनाद रैली, भाजपा पर बरसे कांग्रेस नेता

इधर, अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने परिवर्तन शंखनाद रैली के जरिए आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की।

विधायक मदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में आयोजित रैली में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रैली घटगाड़ पुल से शुरू होकर ढोल-नगाड़ों और पार्टी के नारों के बीच द्वाराहाट चौराहे से गुजरी। इसके बाद जनसभा आयोजित की गई।

इस दौरान कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता भी ग्रहण की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक मदन सिंह बिष्ट और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने नए सदस्यों का फूलमालाओं से स्वागत किया।

जनसभा में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और महिला अपराध जैसे मुद्दे उठाए। नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका लाभ मिलेगा।

गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग फिर उठाई

रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2017 में कांग्रेस की सरकार दोबारा सत्ता में आती, तो गैरसैंण को स्थायी राजधानी बना दिया गया होता। उन्होंने प्रदेश के हितों और राजधानी के मुद्दे पर फिर से संघर्ष करने की जरूरत बताई।

हरीश रावत ने महिला अपराध और पलायन के मुद्दों को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आगामी चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि भाजपा चाहे कितनी भी वोट चोरी कर ले, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

मदन सिंह बिष्ट ने महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान हो चुकी है। इसी को देखते हुए परिवर्तन शंखनाद रैली आयोजित की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पिछले दस वर्षों के कार्यकाल में विकास के नाम पर कोई उल्लेखनीय काम नहीं हुआ।

विधायक ने कहा कि आम जनता आधार कार्ड और बैंक केवाईसी जैसी प्रक्रियाओं में उलझकर परेशान हो रही है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।

मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि यदि आगामी सदन में उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिला, तो वह प्रदेश में हुए भ्रष्टाचार के मामलों को सामने रखेंगे।

राहुल गांधी को राहत और उत्तराखंड में चुनावी तैयारी, कांग्रेस के लिए अहम सियासी घटनाक्रम

एक ओर राहुल गांधी को मानहानि मामले में अदालत से मिली राहत राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी है, वहीं दूसरी ओर द्वाराहाट की परिवर्तन शंखनाद रैली ने उत्तराखंड में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग, महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के जरिए कांग्रेस भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

हालांकि, आगामी चुनावों में इन मुद्दों का कितना असर पड़ेगा, यह आने वाला समय बताएगा। फिलहाल कांग्रेस नेताओं के बयानों और रैलियों से प्रदेश में सियासी सरगर्मियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।