बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न। यमुनोत्री-केदारनाथ में बर्फबारी, हरकी पैड़ी पर लौटी रौनक

उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न। यमुनोत्री-केदारनाथ में बर्फबारी, हरकी पैड़ी पर लौटी रौनक

देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को मौसम ने अचानक करवट बदली, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई। विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री और केदारनाथ धाम में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। बर्फ के फाहों के बीच बाबा केदार और मां यमुना के दर्शन कर श्रद्धालु रोमांचित नजर आए।

वहीं, हरिद्वार में पांच दिन से गंगा जल की कमी से जूझ रही हरकी पैड़ी पर भी एक बार फिर रौनक लौट आई। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से अस्थायी व्यवस्था कर घाटों तक गंगा जल पहुंचाया गया,

जिसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इस तरह रविवार का दिन प्रदेश में बदलते मौसम, बर्फबारी और धार्मिक स्थलों पर लौटती रौनक के नाम रहा।

यमुनोत्री धाम में सीजन की पहली बर्फबारी, श्रद्धालु हुए रोमांचित

विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में रविवार देर शाम मौसम बदलने के साथ बारिश शुरू हो गई। तापमान में गिरावट आने के बाद धाम में सीजन की पहली बर्फबारी हुई।

आसमान से गिरते बर्फ के फाहों को देखकर मां यमुना के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। कई यात्रियों ने बर्फबारी के बीच पूजा-अर्चना की और धाम के आसपास की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।

बर्फबारी ने यमुनोत्री धाम की खूबसूरती को और बढ़ा दिया। कुछ श्रद्धालुओं के लिए इतने करीब से बर्फबारी देखने का यह पहला अनुभव रहा। बर्फ के फाहे गिरते देख यात्रियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। श्रद्धालुओं ने इस खास पल को यादगार बनाने के लिए तस्वीरें और वीडियो भी बनाए।

पंच पंडा समिति के सचिव गिरीश उनियाल और सुरेश नौटियाल के अनुसार, सीजन की पहली बर्फबारी से धाम पहुंचे श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। कई यात्रियों ने पहली बार इतने करीब से बर्फबारी का नजारा देखा। हालांकि, मौसम में आए बदलाव के साथ धाम में ठंड भी बढ़ गई है।

केदारनाथ में भी गिरे बर्फ के फाहे, भक्तों ने नृत्य कर मनाया उत्साह

दूसरी ओर, रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में भी रविवार दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और हल्की बर्फबारी शुरू हो गई। बाबा केदार के दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से पहुंचे श्रद्धालु बर्फबारी देखकर रोमांचित हो उठे।

बर्फ के फाहों के बीच भक्तों ने बाबा के दर्शन किए और इस खूबसूरत नजारे का आनंद लिया। कुछ श्रद्धालु खुशी में झूमते और नृत्य करते भी दिखाई दिए।

केदारपुरी में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट आई और ठंड बढ़ गई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई। बर्फबारी के बीच बाबा केदार के दर्शन करना यात्रियों के लिए यादगार अनुभव बन गया। श्रद्धालुओं ने धाम की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से निहारा और इस पल को अपने कैमरों में कैद किया।

बदले मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की जरूरत है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान तेजी से गिर सकता है, ऐसे में गर्म कपड़े पहनने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि केदारनाथ धाम में हल्की बर्फबारी हुई है।

इसके बीच श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि धाम पहुंचने वाले यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधाओं एवं सुरक्षा का ध्यान रख रहा है।

मौसम विभाग ने जताई बारिश और बर्फबारी की संभावना

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने के साथ ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। यमुनोत्री और केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी के बाद सर्दियों की आहट और तेज हो गई है।

मौसम में अचानक बदलाव के बीच चारधाम क्षेत्र में पहुंचने वाले यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने की जरूरत है।

हरकी पैड़ी पर पांच दिन बाद लौटी रौनक, गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के बीच हरिद्वार में भी श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई। पांच दिन से गंगा जल की कमी से परेशान हरकी पैड़ी पर रविवार को फिर से रौनक लौट आई।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से अस्थायी व्यवस्था किए जाने के बाद घाटों तक स्नान करने लायक गंगा जल पहुंचाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।

दरअसल, हर साल दशहरे के आसपास गंगनहर की वार्षिक बंदी की जाती है, जो आमतौर पर दिवाली तक रहती है। इस दौरान गंगनहर में पानी की आपूर्ति रोककर सफाई और मरम्मत का काम किया जाता है।

इसका असर हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर भी पड़ा। बीते पांच दिनों से हरकी पैड़ी पर गंगा जल का प्रवाह लगभग बंद होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

घाटों पर पानी का स्तर इतना कम हो गया था कि श्रद्धालुओं के लिए आचमन करने लायक जल भी उपलब्ध नहीं था।

इसके चलते बाहर से आने वाले यात्रियों को दूसरे घाटों पर स्नान करना पड़ रहा था।वहीं, तीर्थ पुरोहितों, पंडितों और फल-फूल व प्रसाद बेचने वाले कारोबारियों का काम भी प्रभावित हुआ।

अस्थायी बांध बनाकर हरकी पैड़ी तक पहुंचाया गंगा जल

हरकी पैड़ी पर गंगा जल की व्यवस्था बहाल करने के लिए संजय पुल के नीचे प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर अस्थायी बांध बनाया गया।

इस व्यवस्था के जरिए गंगा जल को हरकी पैड़ी की ओर पहुंचाया गया। पानी आने के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी और स्नान, दान तथा पूजा-पाठ की गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं।

हरकी पैड़ी पर स्नान करने पहुंचीं श्रद्धालु मोनिका ने बताया कि उन्होंने पहले खबरों में घाट पर गंगा जल की कमी के बारे में देखा था। रविवार को परिवार के साथ पहुंचने पर पर्याप्त मात्रा में जल मिला, जिसके बाद उन्होंने गंगा स्नान किया।

उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी पर स्नान करना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। वहीं, हरकी पैड़ी के पंडित दीप अधिकारी ने बताया कि पिछले पांच दिनों से घाट पर गंगा जल की कमी थी, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से स्नान करने लायक पानी की व्यवस्था किए जाने के बाद यहां फिर से रौनक लौट आई है।

पंडित संतोष पांडे ने भी बताया कि गंगनहर बंदी के कारण हरकी पैड़ी पर दिन के समय श्रद्धालुओं की भीड़ कम हो गई थी। कई लोग स्नान के लिए दूसरे घाटों पर जा रहे थे।

अब गंगा जल की व्यवस्था होने के बाद श्रद्धालु फिर से हरकी पैड़ी पहुंच रहे हैं और यहां पूजा-पाठ, स्नान तथा दान की गतिविधियां शुरू हो गई हैं।

कहीं बर्फबारी से बढ़ी ठंड, कहीं गंगा स्नान से लौटी रौनक

रविवार को उत्तराखंड में मौसम और धार्मिक स्थलों की तस्वीर अलग-अलग नजर आई। यमुनोत्री और केदारनाथ धाम में सीजन की पहली बर्फबारी ने जहां श्रद्धालुओं को रोमांचित किया।

वहीं तापमान गिरने से ठंड में इजाफा हुआ। दूसरी ओर, हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर गंगा जल की आपूर्ति बहाल होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय कारोबारियों को राहत मिली।

पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी ने सर्दियों की दस्तक का एहसास करा दिया है, जबकि हरकी पैड़ी पर पानी पहुंचने के बाद तीर्थनगरी की धार्मिक गतिविधियों में फिर तेजी देखने को मिली।

मौसम के बदलते मिजाज के बीच चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सतर्कता जरूरी है, वहीं हरकी पैड़ी पर गंगा जल की व्यवस्था बहाल होना श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है।