बिग ब्रेकिंग: आश्रम-4 की शूटिंग टीम की बस के ब्रेक फेल, बड़ा हादसा टला

आश्रम-4 की शूटिंग टीम की बस के ब्रेक फेल, बड़ा हादसा टला

टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के पहाड़ी मार्ग पर बॉबी देओल अभिनीत वेब सीरीज ‘आश्रम-4’ की शूटिंग टीम को लेकर जा रही टूरिस्ट बस हादसे का शिकार होते-होते बच गई।

ऋषिकेश-चंबा मार्ग पर ताछिला-बेमर के पास ढलान पर अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे बस में सवार शूटिंग दल के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई।

हालांकि, चालक की सूझबूझ और त्वरित निर्णय से एक बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई।

जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के जयपुर की एक टूरिस्ट बस में वेब सीरीज ‘आश्रम-4’ की शूटिंग टीम के करीब 20 सदस्य सवार थे। इसी दौरान पहाड़ी मार्ग पर ढलान में अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए।

ऐसी स्थिति में बस को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो सकता था, लेकिन चालक शाहिद अली ने धैर्य नहीं खोया।

चालक शाहिद अली ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को सड़क किनारे बनी नाली में उतार दिया और धीरे-धीरे सुरक्षित रोक लिया। उनके इस साहसिक और जिम्मेदारी भरे फैसले से बस अनियंत्रित होने से बच गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया।

शूटिंग दल के सभी सदस्य सुरक्षित

बस के रुकने के बाद उसमें सवार सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इसके बाद शूटिंग दल की अन्य गाड़ियों के माध्यम से सभी सदस्यों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

इस घटना के बाद शूटिंग टीम के सदस्यों ने चालक शाहिद अली की जमकर सराहना की। मुश्किल परिस्थिति में उन्होंने जिस तरह धैर्य बनाए रखा और समय रहते सही फैसला लिया, उससे सभी की जान सुरक्षित रही।

पहाड़ी सड़कों पर हादसों का खतरा बरकरार

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। संकरे रास्ते, तीखे मोड़, ढलान और वाहनों में तकनीकी खराबी कई बार बड़े हादसों का कारण बन जाते हैं। पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम ला सकती है।

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस की ओर से नियमित रूप से प्रवर्तन अभियान चलाए जाते हैं।

वहीं, निर्माण एजेंसियों द्वारा सड़कों को दुरुस्त करने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट को सुधारने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।

इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ पाना चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में वाहनों की नियमित तकनीकी जांच, ब्रेक और अन्य जरूरी उपकरणों का रखरखाव तथा पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है।

ताछिला-बेमर के पास हुई यह घटना भी इस बात की याद दिलाती है कि पहाड़ी सड़कों पर वाहन की तकनीकी स्थिति जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही अहम चालक का धैर्य और संकट के समय सही निर्णय लेने की क्षमता भी है। इस मामले में चालक शाहिद अली की सूझबूझ ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।