ब्रेक फेल से 17 घायल, बैठक में ताश खेलते अफसर, AI से बना ‘फर्जी मेजर’ गिरफ्तार
देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को अलग-अलग मामलों में लापरवाही, हादसे और सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान से जुड़े तीन मामले सामने आए। मसूरी में ब्रेक फेल होने के बाद टेंपो ट्रैवलर पलटने से 17 यात्री घायल हो गए।
वहीं जिला पंचायत की बैठक में जनसमस्याओं पर चर्चा के दौरान जिला पर्यटन अधिकारी मोबाइल पर ताश का गेम खेलते नजर आए। दूसरी ओर हल्द्वानी में खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
मसूरी में ब्रेक फेल, 17 यात्री घायल
गलोगीधार के पास मसूरी से देहरादून जा रहे उत्तराखंड परिवहन निगम के टेंपो ट्रैवलर के अचानक ब्रेक फेल हो गए। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार अधिक होने के कारण स्थिति बिगड़ती देख उसने वाहन को खाई की ओर जाने से बचाने के लिए पहाड़ की तरफ मोड़ दिया।
टक्कर के बाद टेंपो ट्रैवलर सड़क पर पलट गया।
हादसे में वाहन सवार 17 यात्री घायल हो गए, जिनमें एक यात्री को गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
आसपास मौजूद लोगों ने वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
मसूरी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र चौहान के मुताबिक प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
जनसमस्याओं की बैठक में मोबाइल पर ताश खेलते दिखे पर्यटन अधिकारी
दूसरा मामला जिला पंचायत की बैठक से सामने आया, जहां सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की सड़क, पानी, स्वास्थ्य समेत विभिन्न जनसमस्याएं अधिकारियों के सामने रख रहे थे।
इसी दौरान जिला पर्यटन अधिकारी मोबाइल फोन पर ताश का गेम खेलते हुए नजर आए। अधिकारी के गेम खेलने का वीडियो सामने आने के बाद उनकी कार्यशैली और बैठक के प्रति गंभीरता पर सवाल उठने लगे।
जिला पंचायत सदस्य पूनम कैंतुरा ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जिला पंचायत जैसी महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों को जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। वीडियो की जांच कराई जाएगी और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
AI से तस्वीर बनाकर बना ‘फर्जी मेजर’, हल्द्वानी में पुलिस कार्रवाई
हल्द्वानी में सोशल मीडिया पर खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताने वाले युवक रोहित सिंह मेहता को नैनीताल पुलिस की SOG ने हिरासत में लिया।
मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में युवक के भारतीय सेना में होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने इंटरनेट से सेना के अधिकारियों की वर्दी वाली तस्वीरें हासिल कीं और AI की मदद से मॉर्फ्ड फोटो तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड किया।
इन तस्वीरों और फर्जी पहचान के जरिए वह सोशल मीडिया पर अपनी फॉलोइंग बढ़ाने और युवतियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
SOG ने आरोपी के कब्जे से दो स्मार्टफोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेना के अधिकारी की वर्दी वाली तस्वीरें और वीडियो तथा फर्जी प्रतीत होने वाला आर्मी आईडी कार्ड बरामद किया। पुलिस ने भारतीय सेना के अधिकारी का प्रतिरूपण करने और धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक तरफ सार्वजनिक परिवहन में वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था, दूसरी तरफ सरकारी बैठकों में अधिकारियों की जवाबदेही और तीसरी ओर AI के गलत इस्तेमाल से सोशल मीडिया पर बनाई जा रही फर्जी पहचान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


