कांग्रेस के कुनबे में कलह, सड़क पर संघर्ष! देहरादून में पोस्टर फटा, हल्द्वानी में प्रदर्शन, CM आवास तक पहुंचा विरोध
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस में इन दिनों अंदरूनी खींचतान और सियासी टकराव लगातार सुर्खियों में है। देहरादून में संकल्प यात्रा के दौरान स्थानीय नेताओं की कथित अनदेखी से नाराज कांग्रेस नेत्री द्वारा प्रदेश मुख्यालय में महानगर अध्यक्ष का पोस्टर फाड़ने का मामला सामने आया है।
वहीं हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में यूथ कांग्रेस ने कोतवाली के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा के नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कार्रवाई के आश्वासन की याद दिलाई है।
इसी बीच उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के लंबित परीक्षा परिणामों को लेकर कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर देर रात धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
देहरादून में पोस्टर फाड़कर जताया विरोध
कौलागढ़ क्षेत्र में कांग्रेस की संकल्प यात्रा के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर जानकारी और निमंत्रण नहीं दिए जाने से नाराज कांग्रेस की ओबीसी विभाग की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पिया थापा ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर महानगर अध्यक्ष जसविंदर गोगी का पोस्टर फाड़कर विरोध जताया।
पिया थापा का आरोप है कि उनके क्षेत्र से संकल्प यात्रा गुजरने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई। यात्रा में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत भी शामिल हुए थे। कांग्रेस गोरखा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और स्थानीय निवासी अनिल बस्नेत को भी कथित तौर पर कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई।
मामले पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी पूरी तरह तैयार है और प्रदेश नेतृत्व एकजुट है।
उन्होंने कहा कि बड़े राजनीतिक संगठन में छोटे-मोटे मनमुटाव होना स्वाभाविक है और पार्टी मामले का संज्ञान लेकर जरूरत पड़ने पर विवाद को दूर करने का प्रयास करेगी।
हल्द्वानी में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रदेश अध्यक्ष हिरासत में
दूसरी ओर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी कोतवाली के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष विशाल भोजक के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने विशाल भोजक को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण मामले को भी उठाया और शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।
खड़गे ने नड्डा को पत्र लिखकर दिलाया आश्वासन याद
रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा के नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखा है।
खड़गे ने आरोप लगाया कि राज्यसभा में कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
कांग्रेस के मुताबिक, 8 अगस्त को हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा के बाद 11 अगस्त को रामलीला मैदान में धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। कांग्रेस ने इसे ‘शुद्धिकरण’ बताते हुए विरोध जताया था। खड़गे ने 13 अगस्त को राज्यसभा में भी यह मुद्दा उठाया था।
इसके बाद 29 अगस्त को राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को लेकर भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाए। इसके अगले दिन 30 अगस्त को राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।
आयुर्वेद विश्वविद्यालय के छात्रों के समर्थन में ज्योति रौतेला का धरना
इधर, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के लंबित परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग को लेकर कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला देर रात मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गईं। उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि पिछले करीब चार वर्षों से परीक्षा परिणाम लंबित हैं। परीक्षा और परिणाम समय पर जारी नहीं होने से उनका शैक्षणिक सत्र 6 से 8 महीने पीछे चल रहा है। इसका असर इंटर्नशिप और आगे की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से परिणाम जारी करने की मांग की जा रही है, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अगस्त 2026 में हर्रावाला स्थित उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर में भी BAMS छात्रों ने प्रदर्शन किया था।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर देर रात हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने ज्योति रौतेला समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड कांग्रेस के सामने एक ओर संगठन के भीतर स्थानीय नेताओं की नाराजगी और गुटबाजी की चुनौती है, तो दूसरी ओर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमे, रामलीला मैदान विवाद और छात्रों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने से सियासी टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए संगठन को एकजुट रखना और इन विवादों को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बन सकता है।


