खास खबर: कहीं शिक्षक का इंतजार, कहीं सड़क की पुकार…. कहीं छात्रों ने की आत्महत्या

कहीं शिक्षक का इंतजार, कहीं सड़क की पुकार…. कहीं छात्रों ने की आत्महत्या

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था, ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं और युवाओं की सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मामले बुधवार को सामने आए। गैरसैंण के राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर अभिभावकों ने आंदोलन की चेतावनी दी।

अल्मोड़ा के बच्चों का सड़क की मांग वाला वीडियो वायरल हुआ, जबकि श्रीनगर गढ़वाल और रुद्रपुर में बिहार के दो युवकों की संदिग्ध आत्महत्या के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भौतिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। बोर्ड परीक्षाओं में अब केवल पांच महीने शेष हैं, लेकिन विद्यार्थियों को नियमित विषय शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं।

अभिभावकों ने उपजिलाधिकारी अबरार अहमद को ज्ञापन सौंपकर एक माह के भीतर नियुक्तियां नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

साथ ही विद्यालय में महिला मेंटर का पद खाली होने और पीटीए का गठन न होने पर भी नाराजगी जताई गई। प्रभारी प्रधानाचार्य आरती गुसाईं ने जल्द पीटीए गठन और रिक्त पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही है।

वहीं अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के तिमुरी तोक गांव के स्कूली बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में बच्चे मुख्यमंत्री से गांव तक सड़क निर्माण की मांग करते हुए बताते हैं कि उन्हें प्रतिदिन करीब 14 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता है।

उनका कहना है कि लंबी पैदल दूरी के कारण पढ़ाई भी प्रभावित होती है। मामले पर शिक्षा विभाग ने कहा कि राज्य में स्कूल निर्धारित दूरी के भीतर हैं, जबकि जिला प्रशासन ने बताया कि गांव तक करीब पांच किलोमीटर सड़क के लिए पीएमजीएसवाई के तहत डीपीआर तैयार की जा रही है।

इधर, श्रीनगर गढ़वाल में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीए तृतीय वर्ष के छात्र अनीश कुमार का शव उसके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

उधर उधम सिंह नगर के दिनेशपुर में बिहार निवासी 21 वर्षीय गौरव कुमार का शव भी किराये के कमरे में मिला। गौरव करीब 20 दिन पहले रोजगार की तलाश में अपने जुड़वां भाई के पास रुद्रपुर आया था।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला भी आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था, ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।