बिग ब्रेकिंग: दून अस्पताल में महिला ने काउंसलर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, जांच शुरू

दून अस्पताल में महिला ने काउंसलर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, जांच शुरू

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक महिला ने एसटीआई विभाग के एक काउंसलर पर गंभीर आरोप लगाए।

महिला का आरोप है कि चिकित्सकीय जांच के बहाने उसे अस्पताल के बेसमेंट में ले जाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन को सौंप दी गई है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, महिला मंगलवार दोपहर एसटीआई (Sexually Transmitted Infections) विभाग में जांच के लिए पहुंची थी। आरोप है कि विभाग में कार्यरत काउंसलर उसे चेकअप के नाम पर बेसमेंट क्षेत्र में ले गया, जहां उस समय कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।

महिला का कहना है कि वहां काउंसलर ने बिना दस्ताने पहने उसके निजी अंगों को छुआ। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और महिला के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में पीड़िता ने अस्पताल प्रशासन को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए वूमेन सेल को सौंप दिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हटाकर प्राचार्य कक्ष से संबद्ध कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बेसमेंट में सीसीटीवी नहीं होने पर उठे सवाल

घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि जिस बेसमेंट क्षेत्र में घटना होने का आरोप लगाया गया है, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। कैमरों की निगरानी केवल सीढ़ियों तक सीमित बताई जा रही है।

दून अस्पताल में प्रतिदिन हजारों मरीज और तीमारदार पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल के संवेदनशील हिस्सों में निगरानी व्यवस्था का अभाव चिंता का विषय माना जा रहा है। लोगों ने बेसमेंट क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।

कर्मचारी ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए कर्मचारी ने खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों को गलत बताया है। उसका कहना है कि वह बेसमेंट स्थित पार्किंग में अपनी स्कूटी से सामान लेने गया था और महिला उसके पीछे वहां पहुंची। कर्मचारी के अनुसार, इसके बाद अचानक उस पर आरोप लगाकर विवाद खड़ा कर दिया गया।

विभाग के कुछ अन्य कर्मचारियों ने भी उसके समर्थन में अस्पताल प्रशासन को पत्र सौंपा है। उनका कहना है कि संबंधित कर्मचारी पिछले करीब 12 वर्षों से विभाग में कार्यरत है और उसके खिलाफ पहले कभी इस तरह की शिकायत सामने नहीं आई।

अस्पताल प्रशासन का पक्ष

डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि महिला की शिकायत मिलने के दो घंटे के भीतर मामला वूमेन सेल को भेज दिया गया था।

उन्होंने कहा कि जांच समिति गठित कर दी गई है और संबंधित कर्मचारी को एनएचएम व्यवस्था से हटाकर प्राचार्य कक्ष से संबद्ध किया गया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

वहीं, हंगामा बढ़ने के बाद मामला धारा चौकी भी पहुंचा। यहां भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, लेकिन बाद में माफीनामा और गलतफहमी दूर किए जाने के बाद समझौता होने की जानकारी सामने आई है।