बड़ी खबर: बुग्याल में भेड़ चराने गए ग्रामीण की आकाशीय बिजली गिरने से मौत

बुग्याल में भेड़ चराने गए ग्रामीण की आकाशीय बिजली गिरने से मौत

पिथौरागढ़। सीमांत पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उच्च हिमालयी क्षेत्र के बुग्यालों में हुआ, जहां ग्रामीण भेड़ चराने गया था।

घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। खास बात यह है कि बीते एक महीने में जिले में आकाशीय बिजली से मौत का यह दूसरा मामला सामने आया है।

जानकारी के अनुसार धारचूला तहसील के ग्राम पंचायत सुवा निवासी 48 वर्षीय राम सिंह पुत्र लाल सिंह भेड़ चराने के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र के बुग्यालों में गया था। बीती 25 मई को क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हो गया। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से राम सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद अनवाल समुदाय विकास समिति के केंद्रीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह बिष्ट ने तहसील प्रशासन को मामले से अवगत कराया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और रजिस्ट्रार कानूनगो ने न्यू सुवा के राजस्व उपनिरीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बताया जा रहा है कि मृतक राम सिंह अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। परिवार की आजीविका मुख्य रूप से पशुपालन और भेड़ पालन पर निर्भर थी। ऐसे में उसकी अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है। गांव में शोक का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

प्रशासन के अनुसार शव को धारचूला लाया जा रहा है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एसडीएम धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि हो सकेगी।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ जिले में आकाशीय बिजली गिरने से मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 11 मई को धारचूला के खेत गांव निवासी 35 वर्षीय तेज सिंह की भी बिजली गिरने से मौत हो गई थी।

वह भी भेड़-बकरियां चराने और कीड़ा जड़ी निकालने के लिए रपकिया बुग्याल गया था, जहां खराब मौसम के दौरान उसके ऊपर बिजली गिर गई थी।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पशुपालन और बुग्यालों में जाने वाले ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम संबंधी चेतावनी प्रणाली को और प्रभावी बनाने की मांग की है।