बिग ब्रेकिंग: बद्रीनाथ धाम से चोरी का मुकुट बरामद। दून में शिक्षिका की मौत पर सचिवालय कर्मी पर केस दर्ज

बद्रीनाथ धाम से चोरी का मुकुट बरामद। दून में शिक्षिका की मौत पर सचिवालय कर्मी पर केस दर्ज

  • चमोली पुलिस ने 5 लाख रुपये का मुकुट बरामद कर आरोपी साधु को दबोचा, सचिवालय के निजी सचिव समेत तीन पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज

देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक ओर बद्रीनाथ धाम से भगवान नारायण का करीब पांच लाख रुपये मूल्य का स्वर्ण मणि जड़ित मुकुट चोरी करने वाले आरोपी को चमोली पुलिस ने गिरफ्तार कर चोरी का खुलासा कर दिया।

वहीं दूसरी ओर देहरादून में उत्तराखंड सचिवालय में तैनात एक निजी सचिव की पत्नी और सरकारी शिक्षिका की संदिग्ध मौत के मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने से हड़कंप मच गया।

चमोली पुलिस के अनुसार 27 जुलाई को ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम, ब्रह्मकपाल के ब्रह्मचारी भगवत दास ने थाना बद्रीनाथ में शिकायत दर्ज कराई थी कि आश्रम में ठहरे साधु राघवदास ने 24 जुलाई की रात भगवान नारायण का करीब पांच लाख रुपये मूल्य का सोने का मणि जड़ित मुकुट और नकदी चोरी कर ली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 29 जुलाई को बद्रीश गंगा वाटिका गेट, हनुमानचट्टी रोड के पास घेराबंदी कर आरोपी राघवराम पाठक उर्फ राघवदास, निवासी श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया।

उसकी निशानदेही पर चोरी गया स्वर्ण मुकुट, नकदी में से ₹4,500 तथा वारदात में इस्तेमाल किया गया बैग बरामद किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने मंदिर से मुकुट और आश्रम में ठहरे एक व्यक्ति के बैग से नकदी चोरी करने की बात स्वीकार की। बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

उधर, देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में उत्तराखंड सचिवालय में तैनात निजी सचिव सौरभ खत्री की पत्नी और सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सृष्टि का विवाह नवंबर 2025 में हुआ था।

मृतका की मां सीमा कंडारी ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

परिजनों का आरोप है कि ससुर की मृत्यु के बाद सृष्टि को ‘मनहूस’ कहकर प्रताड़ित किया जाने लगा और परिवार में होने वाली हर घटना के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जाता था।

जब काफी समय तक बेटी से संपर्क नहीं हुआ तो परिवार देहरादून पहुंचा, जहां उन्हें उसकी मौत की सूचना मिली। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने घटना की जानकारी भी समय पर नहीं दी।

मृतका की मां की शिकायत पर डोईवाला थाना पुलिस ने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) वंदना वर्मा को सौंपी गई है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

एक ओर जहां पुलिस ने बद्रीनाथ धाम से जुड़े संवेदनशील चोरी के मामले का त्वरित खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

वहीं दूसरी ओर सरकारी शिक्षिका की संदिग्ध मौत का मामला अब दहेज हत्या की जांच के रूप में आगे बढ़ रहा है। दोनों घटनाओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सरोकारों को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी है।