बिग ब्रेकिंग: आंदोलन, एक्शन, हादसे और अपराध की 10 बड़ी खबरें। एक क्लिक में पढ़ें….

आंदोलन, एक्शन, हादसे और अपराध की 10 बड़ी खबरें। एक क्लिक में पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार का दिन शिक्षा, प्रशासन, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई बड़े घटनाक्रमों का गवाह बना। राजधानी देहरादून में आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के बीएएमएस छात्रों ने लंबित परीक्षा परिणाम और परीक्षाओं की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया।

दूसरी ओर सितारगंज में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के विरोध में राजस्व और मिनिस्टीरियल कर्मचारी संगठनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। वहीं चमोली, नैनीताल, रुद्रपुर, टिहरी, रुद्रप्रयाग और रुड़की से भी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं।

देहरादून स्थित उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में वर्ष 2019 से 2022 बैच के बीएएमएस छात्रों ने प्रशासनिक भवन में धरना देकर प्रदर्शन किया। परीक्षा नियंत्रक समेत जिम्मेदार अधिकारियों के नहीं मिलने पर छात्र आक्रोशित हो गए और छह छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया।

छात्रों का आरोप है कि करीब ढाई साल से उनके परीक्षा परिणाम लंबित हैं और आगे की परीक्षाएं भी नहीं कराई जा रही हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबंधित निजी कॉलेजों में बिना नीट और बिना काउंसलिंग प्रवेश दिए जाने का मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए कोर्ट के आदेश के बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा।

उधर, ऊधम सिंह नगर के सितारगंज में संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक की विजिलेंस द्वारा रिश्वत के आरोप में गिरफ्तारी के विरोध में संग्रह अमीन संघ, लेखपाल संघ और कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ एकजुट हो गए हैं।

संगठनों ने दावा किया कि कर्मचारी सरकारी राजस्व वसूली कर रहे थे, लेकिन विजिलेंस ने वसूली की राशि को रिश्वत बताकर गलत कार्रवाई की। कर्मचारियों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा करते हुए संयुक्त जांच समिति गठित करने की मांग की है।

हालांकि विजिलेंस का कहना है कि दोनों कर्मचारियों को शिकायत के आधार पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है।

चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में ग्वालदम-नंदकेशरी-देवसारी मोटर मार्ग की बदहाली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सड़क इतनी क्षतिग्रस्त है कि एक युवक को अपनी मोटरसाइकिल कंधे पर उठाकर टूटे हिस्से को पार करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है।

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में मैट्रोपोल होटल के समीप एक कार अनियंत्रित होकर पैराफिट तोड़ते हुए करीब 10 फीट नीचे जा गिरी। राहत की बात यह रही कि कार नीचे समतल स्थान पर अटक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। चालक को मामूली चोटें आईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हरिद्वार के लक्सर में पुलिस ने लूट के एक मामले का खुलासा करते हुए वारदात की कथित मास्टरमाइंड महिला को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसने भैंस खरीदने आए व्यक्ति के पास नकदी देखकर अपने साथियों के साथ लूट की साजिश रची थी। पुलिस ने महिला के कब्जे से लूट की रकम का हिस्सा बरामद किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

रुड़की में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कांवड़ मेले से पहले अवैध रूप से संचालित एक सॉस फैक्ट्री पर छापा मारकर लगभग आठ कुंतल सॉस और बिना लेबल की 351 बोतलें नष्ट करा दीं।

जांच में निर्माण स्थल पर भारी गंदगी, खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाई गई। विभाग ने फैक्ट्री में खाद्य उत्पादन और बिक्री पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।

रुद्रपुर में चार नकाबपोश बदमाशों ने एक युवक पर तलवार से हमला कर उसकी एक उंगली काट दी और बाइक लूटकर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।

वहीं शहर के गल्ला मंडी चौक पर तेज रफ्तार डंपर ने एक 22 वर्षीय युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

टिहरी जिले के जाखणीधार विकासखंड के कोटी खास गांव में एक 53 वर्षीय महिला संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली। ग्रामीणों ने मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे उसके बेटे पर हत्या का आरोप लगाया है। आरोपी घटना के बाद से फरार है और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

रुद्रप्रयाग जिले के कोटी पठालीधार गांव में 65 वर्षीय नारायणी देवी पर घास काटने के दौरान गुलदार ने हमला कर दिया।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद महिला ने दरांती से पलटवार कर गुलदार को जंगल की ओर भगा दिया और किसी तरह खुद घर पहुंचीं। उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।

इन घटनाओं ने एक ही दिन में प्रदेश के शिक्षा तंत्र, प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को एक साथ उजागर कर दिया है।

कहीं छात्र अपने भविष्य को लेकर आंदोलनरत हैं, कहीं कर्मचारी विजिलेंस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, तो कहीं अपराध, हादसे और मानव–वन्यजीव संघर्ष लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।