सेक्स रैकेट पर छापा, करोड़ों की कर चोरी का खुलासा, साइबर ठगी और अपहरण से सनसनी
देहरादून। उत्तराखंड में अपराध और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ विभिन्न एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। देहरादून में पुलिस ने एक कथित देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग युवती को रेस्क्यू किया है।
वहीं राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने एक बिल्डर फर्म में 12.50 करोड़ रुपये की कर देयता का मामला पकड़ते हुए 2.25 करोड़ रुपये तत्काल जमा कराए हैं।
दूसरी ओर, क्रिप्टो ट्रेडिंग और एआई आधारित निवेश के नाम पर 1.55 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जबकि हरिद्वार के लक्सर में मंदिर गई युवती के कथित अपहरण से सनसनी फैल गई है।
पटेलनगर क्षेत्र के हरभजवाला स्थित नीलकंठ एनक्लेव में पुलिस की छापेमारी के दौरान तीन महिलाएं और तीन पुरुष पकड़े गए। पुलिस के अनुसार, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से महिलाओं को बुलाकर व्हाट्सएप के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क किया जाता था।
मौके से आपत्तिजनक सामग्री और 18 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने दावा किया है कि मसूरी घुमाने के बहाने दिल्ली से लाई गई एक नाबालिग युवती को गलत काम के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
उधर, राज्य कर विभाग की एसआईबी ने देहरादून की एक बिल्डर फर्म के खिलाफ जांच में 12.50 करोड़ रुपये की कर देयता सामने आने का दावा किया है। विभाग के अनुसार, फर्म ने फ्लैट बिक्री पर देय कर के भुगतान में अनियमितता की।
जांच के दौरान फर्म प्रतिनिधियों ने गलती स्वीकार करते हुए 2.25 करोड़ रुपये राजकोष में जमा कराए। इसी कार्रवाई में एक कन्फेक्शनरी फर्म से भी एक करोड़ रुपये जमा कराए गए, जिससे कुल वसूली 3.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
साइबर अपराध के मोर्चे पर क्लेमेंटटाउन थाने में दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि क्रिप्टो ट्रेडिंग, एआई आधारित निवेश और डिजिटल टोकन योजनाओं के नाम पर एक व्यक्ति से करीब 1.55 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
शिकायत के आधार पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस विभिन्न वित्तीय लेनदेन और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
वहीं हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में मंदिर गई 26 वर्षीय युवती के कथित अपहरण का मामला भी चर्चा में है। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोग युवती को जबरन कार में बैठाकर ले गए।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और वाहन नंबर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। युवती की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है।
इसी बीच, उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार को हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति पद से इस्तीफा देने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह का समय दिया है।
कोर्ट ने कुलपति नियुक्ति में यूजीसी नियमों के पालन पर जोर देते हुए मामले में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अशोक कुमार ने कहा है कि वह पारिवारिक कारणों से पहले ही पद छोड़ने का निर्णय ले चुके थे।
राज्य में एक ही दिन में सामने आए इन मामलों ने कानून-व्यवस्था, आर्थिक अपराधों और साइबर सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं, जबकि संबंधित एजेंसियां सभी मामलों में आगे की जांच में जुटी हुई हैं।



