बड़ी खबर: मानसून का महाकहर। पहाड़ों पर भूस्खलन, मैदानों में जलभराव, 111 सड़कें बंद। 5 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

मानसून का महाकहर। पहाड़ों पर भूस्खलन, मैदानों में जलभराव, 111 सड़कें बंद। 5 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटे की मूसलाधार बारिश ने पूरे प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ों में लगातार भूस्खलन, नदियों के उफान, सड़कों के धंसने और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव ने हालात गंभीर बना दिए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार प्रदेश में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग, छह राज्य मार्ग और कुल 111 सड़कें बंद हैं, जिनमें 76 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभावित देहरादून जिला है, जहां 27 सड़कें बाधित हैं।

मौसम विभाग ने 3 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश और 5 अगस्त तक अधिकांश जिलों में लगातार वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। शासन, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें और राहत दल पहले से तैनात हैं। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है।

मालदेवता-सहस्रधारा फिर बने सबसे संवेदनशील

राजधानी देहरादून के मालदेवता और सहस्रधारा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पहाड़ दरकने और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मालदेवता मार्ग पर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

शेरकी रोड और सौड़ा-सरौली क्षेत्र में बरसाती गदेरों का पानी सड़क तक पहुंच गया। कई परिवार घंटों घरों में फंसे रहे, जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने कई मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए।

डोईवाला-जौलीग्रांट में हाईवे पर बरसाती खालों का कहर

थानो वन क्षेत्र का बरसाती खाला उफान पर आने से भानियावाला-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी और मलबा भर गया। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से पानी का रुख मोड़कर हाईवे को सुरक्षित किया। जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास चोर पुलिया क्षेत्र में कई घरों में पानी घुस गया।

यमुनोत्री और केदारनाथ यात्रा पर बारिश का असर

उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी के कुपड़ा खड्ड में मलबा और विशाल चट्टानों का सैलाब आने से दहशत फैल गई। यमुनोत्री पैदल मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा धंस गया, जबकि पालीगाड़ के पास हाईवे पर बोल्डर गिरने से दो कांवड़ यात्री घायल हो गए। करीब 30 घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे पर यातायात बहाल किया गया।

रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड गेट से आगे भारी भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है। डीडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है।

रुद्रप्रयाग में नदियां उफान पर

अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग, सात राज्य मार्ग समेत कुल 17 सड़कें बाधित हैं।

अगस्त्यमुनि क्षेत्र में जलभराव से कई घरों में पानी घुस गया, जबकि एक कार पर विशाल बोल्डर गिरने से वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्कूलों में एहतियातन अवकाश घोषित किया गया है।

टिहरी, बागेश्वर और नैनीताल में बढ़ी मुश्किलें

टिहरी जिले में नौ ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद हैं। रायपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, घुत्तू-गंगी और देवप्रयाग-गाजा-जाजल मार्गों पर मलबा हटाने का कार्य जारी है।
बागेश्वर में 12 सड़कें बंद हैं तथा सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

भारी बारिश के मद्देनजर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट जारी है। तेज बारिश के बाद कई नाले उफान पर आ गए और नैनी झील का जलस्तर बढ़कर 84 फीट तक पहुंच गया।

पिथौरागढ़ में बाल-बाल बचे चालक और यात्री

धारचूला के तीनतोला-गस्कू मार्ग पर पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और बोल्डर गिरने से एक यात्री जीप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। चालक और एक यात्री समय रहते वाहन से उतरकर भाग गए, जिससे उनकी जान बच गई। जिले में तीन सीमा सड़क सहित कुल 21 सड़कें बंद हैं। काली, गोरी और रामगंगा नदियों का जलस्तर भी सामान्य से ऊपर बह रहा है।

रामनगर में उफनते नाले में बाइक उतारना पड़ा भारी
रामनगर के रिंगौड़ा बरसाती नाले में कुछ बाइक सवार तेज बहाव के बावजूद उतर गए। बीच नाले में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह बहने लगी।

स्थानीय लोगों ने जोखिम उठाकर बाइक और सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन ने लोगों से उफनते नालों को पार न करने की अपील की है।

5 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 5 अगस्त तक राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश जारी रहेगी। रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश तथा तीव्र से अति तीव्र वर्षा की संभावना है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए अगले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण बने रह सकते हैं।