बिग ब्रेकिंग: चार दिन की रिमांड में टूटा प्रमोद नौटियाल, SIT के सामने कबूला जुर्म। अब साथियों की तलाश

चार दिन की रिमांड में टूटा प्रमोद नौटियाल, SIT के सामने कबूला जुर्म। अब साथियों की तलाश

रिपोर्ट- गिरीश चंदोला
चमोली। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी के बहुचर्चित मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है।

चार दिन की पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल ने लंबी पूछताछ के बाद कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। हालांकि, जांच अभी जारी है और SIT अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

पुलिस के अनुसार, रिमांड के शुरुआती दौर में प्रमोद नौटियाल लगातार चोरी के आरोपों से इनकार करता रहा। लेकिन जब SIT ने उसके सामने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्य रखे, तो उसने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

बद्रीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि आरोपी से कई चरणों में गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि बद्रीनाथ धाम में हुई चोरी की घटना में वह शामिल था और उससे बड़ी गलती हुई है।

इससे पहले SIT ने आरोपी के सरकारी आवास से नकदी, सोने के आभूषण, शालिग्राम, चांदी की मूर्ति, चांदी का नाग, नेपाली मुद्रा सहित कई महत्वपूर्ण वस्तुएं बरामद की थीं। इसके अलावा चोरी गया सोने का मणि-जड़ित मुकुट भी पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है। इन्हीं बरामदगी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ाई गई।

हालांकि, जांच एजेंसियों के सामने अभी भी कई महत्वपूर्ण सवाल बाकी हैं। पुलिस का कहना है कि प्रमोद नौटियाल ने अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है, लेकिन उसने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि वह यह सब किसके कहने पर करता था और इस पूरे मामले में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। SIT अब इस एंगल पर गहन जांच कर रही है और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है।

चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद प्रमोद नौटियाल को दोबारा न्यायिक अभिरक्षा में पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है। SIT का कहना है कि यदि जांच के दौरान आवश्यकता महसूस हुई तो आरोपी की दोबारा पुलिस रिमांड लेने के लिए अदालत में आवेदन किया जाएगा।

बद्रीनाथ धाम से जुड़े इस संवेदनशील और चर्चित प्रकरण में SIT की जांच लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।