देहरादून की पॉश कॉलोनी में बिल्डर पर मारपीट का आरोप, DRDO वैज्ञानिक घायल। मुकदमा दर्ज
देहरादून। शहर के सहस्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में एक बार फिर कथित दबंगई का मामला सामने आया है। बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर नगर निगम/एमडीडीए की जमीन पर अवैध निर्माण के विरोध में एक Defence Research and Development Organisation (DRDO) में तैनात वैज्ञानिक के साथ मारपीट का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अवैध निर्माण के विरोध पर विवाद, मारपीट का आरोप
रायपुर थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़िता शिखा ने बताया कि उनके पति अनिरुद्ध शर्मा DRDO में वैज्ञानिक हैं। सोमवार दोपहर बिल्डर द्वारा कथित रूप से नगर निगम/एमडीडीए की जमीन पर दीवार निर्माण कराया जा रहा था, जिसका मलबा उनके घर की ओर गिर रहा था।
इस पर घर के माली ने आपत्ति जताई, जिसके बाद आरोप है कि बिल्डर ने माली, परिजनों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विवाद बढ़ने पर अनिरुद्ध शर्मा ने हस्तक्षेप किया, जिस पर बिल्डर ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बीच-बचाव करने पहुंची शिखा के साथ भी आरोपी ने दुर्व्यवहार किया और धमकी दी।
वैज्ञानिक को आई चोटें, पुलिस ने दर्ज किया केस
मारपीट में घायल अनिरुद्ध शर्मा को चोटें आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
थानाध्यक्ष रायपुर संजीत कुमार ने पुष्टि की कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
- बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है जब बिल्डर पर इस तरह के आरोप लगे हों।
- दीपावली के दौरान पिस्टल लहराने का मामला सामने आया था, जिसके बाद प्रशासन ने उनका शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिया था।
- कॉलोनी के पदाधिकारियों और एक जीएसटी अधिकारी के साथ भी मारपीट के आरोप पहले लग चुके हैं।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
एटीएस कॉलोनी के निवासियों का आरोप है कि बिल्डर के खिलाफ कई शिकायतों के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोगों का कहना है कि आरोपी को कथित रूप से संरक्षण प्राप्त है, जिससे उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि वर्तमान मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पॉश कॉलोनी में हुई इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और अवैध निर्माण जैसे मुद्दों को सामने ला दिया है। अब नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि आरोपों के आधार पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।



