SGRR विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन, वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (SGRRU) में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। “योग एवं आयुर्वेदिक पर्सपेक्टिव ऑफ न्यूट्रिशन फॉर लाइफस्टाइल डिसऑर्डर्स” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, शोधार्थियों और योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सम्मेलन का उद्देश्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के समाधान में योग और आयुर्वेद की भूमिका को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ यौगिक साइंस एवं नेचुरोपैथी द्वारा आईक्यूएसी के तत्वावधान में यूकॉस्ट के सहयोग से किया गया।
योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर
विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास ने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताया।
सम्मेलन के मुख्य आयोजक एवं डीन प्रो. डॉ. ओम नारायण तिवारी ने कहा कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिनकी रोकथाम के लिए योग को दैनिक जीवन में अपनाना जरूरी है।
विशेषज्ञों ने रखे विचार
मुख्य वक्ता प्रो. रमाकांत पांडे ने योग को शरीर, मन और आत्मा के संतुलन की समग्र विधा बताया। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. धनंजय कुमार श्रीवास्तव ने संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और अनुशासित दिनचर्या को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की बढ़ती लोकप्रियता
सम्मेलन में जर्मनी, अमेरिका, दुबई, वियतनाम और अफ्रीका से जुड़े विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। जर्मनी की योग प्रैक्टिश्नर लिया गोर्डेल ने भारतीय योग परंपरा की सराहना की और इसे वैश्विक स्वास्थ्य के लिए प्रभावी बताया।
तकनीकी सत्र और सम्मान समारोह
दूसरे दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में योग चिकित्सा, आयुर्वेदिक पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली रोगों की रोकथाम पर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर प्राइम मिनिस्टर अवार्डी डॉ. रामेश लाल बिजलानी और अर्जुन पुरस्कार विजेता डॉ. आरती पाल को सम्मानित किया गया।
ज्ञान के वैश्विक आदान-प्रदान का मंच
अंत में प्रो. (डॉ.) कंचन जोशी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन न केवल योग और भारतीय संस्कृति के वैश्विक महत्व को रेखांकित करने में सफल रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान का सशक्त मंच भी बना। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

