अवैध दवाइयों और नशे के कारोबार पर सख्ती, कई जगह कार्रवाई से हड़कंप
हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों की एक बड़ी खेप के साथ हिस्ट्रीशीटर सिन्टू, निवासी बहादराबाद, को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के खिलाफ पहले से ही एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके कब्जे से 100 नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
नैनीताल में 1 किलो से ज्यादा चरस बरामद
इधर, नैनीताल में एसओजी और काठगोदाम पुलिस की संयुक्त टीम ने नशे के सप्लायरों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1 किलो 133 ग्राम चरस बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू साहू निवासी धर्मशाला इंद्रानगर वनभूलपुरा और कैलाश चंद्र निवासी पिनरा छोटा कैलाश भीमताल के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहाड़ी इलाकों से चरस लाकर हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। गिरफ्तारी कॉल टैक्स नहर कवरिंग रोड के पास चैकिंग अभियान के दौरान की गई।
बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। एसएसपी मंजूनाथ टी.सी. ने बताया कि पुलिस सतर्कता से नशे के कारोबार पर नकेल कस रही है।
रामनगर में ड्रग्स विभाग की छापेमारी
रामनगर: औषधि सुरक्षा और दवा विक्रय नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए ड्रग्स विभाग की टीम ने सोमवार को रामनगर में अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के बाद क्षेत्र के मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
टीम ने मोहल्ला गूलरघट्टी क्षेत्र में कई मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। छापेमारी की खबर मिलते ही कई दुकानदार दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए।
औषधि निरीक्षक अर्चना ने बताया कि जांच के दौरान तीन मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। इनमें से एक स्टोर पर गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिसके चलते उसका लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई।
अन्य दो स्टोर्स पर भी खामियां पाई गईं, जिन पर जवाब मांगा गया है। विभाग आगे की कार्रवाई स्टोर्स से प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर करेगा।
अवैध दवा बिक्री पर सख्ती जारी
औषधि निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। जो मेडिकल स्टोर स्वामी निरीक्षण के दौरान दुकानें बंद कर फरार हुए हैं, उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि अवैध दवा व्यापार और नियमविरुद्ध दवाओं की बिक्री पर रोक लग सके।
उन्होंने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से कहा कि वे सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन करें, दवाओं की खरीद–फरोख्त का उचित रिकॉर्ड रखें और केवल प्रमाणित स्रोतों से ही दवाएं प्राप्त करें। अगर बिना वैध लाइसेंस या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पाई गई, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता ने की कार्रवाई की सराहना
ड्रग्स विभाग की इस त्वरित कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। लोगों का कहना है कि इससे नकली और अवैध दवाओं की बिक्री पर नियंत्रण होगा और मरीजों व आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
