उत्तराखंड में पंचायत उपचुनाव की अधिसूचना जारी। 20 नवंबर को वोटिंग, 22 को काउंटिंग
देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायतों के हजारों रिक्त पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। यह उपचुनाव हरिद्वार को छोड़कर प्रदेश के 12 जिलों में कराया जाना है।
आयोग ने नामांकन प्रक्रिया के लिए 13 और 14 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। 15 नवंबर को नामांकनपत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 16 नवंबर को नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन होगा।
मतदान 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक और मतगणना 22 नवंबर को सुबह 8 बजे से कार्य समाप्ति तक होगी। अधिसूचना जारी होते ही आदर्श आचरण संहिता लागू कर दी गई है।
जुलाई-अगस्त में हुए पंचायत चुनावों के दौरान कई पद रिक्त रह गए थे, जिनमें सदस्य ग्राम पंचायत के 32,934, प्रधान ग्राम पंचायत के 22, सदस्य क्षेत्र पंचायत के 2 और सदस्य जिला पंचायत के 1 पद शामिल हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में जिला पंचायत सदस्य का एक पद, जबकि चमोली और उत्तरकाशी में सदस्य क्षेत्र पंचायत का एक-एक पद रिक्त है। इन खाली पदों को भरने के लिए ही राज्य निर्वाचन आयोग उपचुनाव करा रहा है।
आयोग ने नामांकनपत्रों की कीमत भी तय कर दी है। सदस्य ग्राम पंचायत पद के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 150 रुपये और आरक्षित श्रेणी एवं महिलाओं को 75 रुपये शुल्क देना होगा।
इसी तरह, प्रधान ग्राम पंचायत पद के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 300 रुपये और आरक्षित व महिला उम्मीदवारों को 150 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत और सदस्य क्षेत्र पंचायत पदों के नामांकनपत्र ब्लॉक स्तर पर जमा होंगे, जबकि जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन जिला मुख्यालय पर लिया जाएगा।
उपचुनाव में उम्मीदवारों के खर्च की सीमा भी निर्धारित की गई है। सदस्य ग्राम पंचायत पद के प्रत्याशी अधिकतम 10 हजार रुपये, प्रधान ग्राम पंचायत व सदस्य क्षेत्र पंचायत के उम्मीदवार अधिकतम 75 हजार रुपये और जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवार अधिकतम दो लाख रुपये खर्च कर सकेंगे।
आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदान दलों का गठन कर लिया जाए, लेकिन नियुक्ति आदेश नामांकन के बाद जारी किए जाएं, ताकि निर्विरोध चुनाव की स्थिति में अनावश्यक रूप से पोलिंग पार्टियों को न भेजा जाए।
प्रदेश के 12 जिलों में रिक्त पदों की बात करें तो अल्मोड़ा में सदस्य ग्राम पंचायत के 6,241 और प्रधान ग्राम पंचायत के 6 पद रिक्त हैं। उधम सिंह नगर में 938, चंपावत में 1,702, नैनीताल में 2,268, पिथौरागढ़ में 2,927 सदस्य ग्राम पंचायत और 2 प्रधान पद खाली हैं।
बागेश्वर में 1,610, उत्तरकाशी में 1,961 सदस्य ग्राम पंचायत, 1 प्रधान और 1 सदस्य क्षेत्र पंचायत के पद रिक्त हैं। चमोली में 2,812 सदस्य ग्राम पंचायत, 6 प्रधान और 1 सदस्य क्षेत्र पंचायत के पद खाली हैं।
टिहरी में 4,170 सदस्य ग्राम पंचायत और 2 प्रधान पद, देहरादून में 801 सदस्य ग्राम पंचायत, पौड़ी गढ़वाल में 6,068 सदस्य ग्राम पंचायत और 4 प्रधान पद रिक्त हैं। वहीं, रुद्रप्रयाग में 1,436 सदस्य ग्राम पंचायत, 1 प्रधान और 1 सदस्य जिला पंचायत के पद खाली चल रहे हैं।
उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियों के तेज होने की उम्मीद है। रिक्त पदों के भरने से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन-प्रशासन की व्यवस्था मजबूत होगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

