हर्रावाला में RTO इंस्पेक्टर पर रिश्वतखोरी के आरोप, कारोबारियों ने दुकान में किया बंद
देहरादून। उत्तराखंड का परिवहन विभाग एक बार फिर गंभीर विवादों में आ गया है। देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में तैनात एक आरटीओ इंस्पेक्टर पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से कथित तौर पर मासिक रिश्वत वसूली के आरोप लगे हैं।
देखें वीडियो:-
आरोपों से नाराज कारोबारियों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को इंस्पेक्टर को एक दुकान के अंदर करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में संबंधित इंस्पेक्टर खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह केवल पेशाब करने आए थे और इसी दौरान उन्हें बैठाकर रसमलाई खिलाई गई। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने उनके इस दावे को खारिज करते हुए रिश्वत लेने का आरोप लगाया।
“मासिक वसूली” के आरोप से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का आरोप है कि संबंधित आरटीओ इंस्पेक्टर लंबे समय से वाहनों से नियमित मासिक वसूली कर रहा था। सोमवार को भी वह कथित तौर पर पैसे लेने पहुंचा था, तभी कारोबारियों और स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया।
घटना के दौरान दुकान के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जिस दुकान में इंस्पेक्टर को रोका गया था, वहां टेबल पर कागज में लिपटी नोटों की एक गड्डी भी दिखाई दी, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया।
वाहनों के हिसाब से तय थी कथित वसूली
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का आरोप है कि वाहनों की क्षमता और टायरों की संख्या के आधार पर कथित रिश्वत की रकम तय थी। कारोबारियों के मुताबिक वर्षों से यह सिलसिला जारी था और अब तक लाखों रुपये की वसूली की जा चुकी है।
आरोपों के अनुसार कथित मासिक वसूली इस प्रकार थी
- छोटी गाड़ियों से ₹2,000 प्रतिमाह
- 6 टायर वाहनों से ₹8,000
- 10 टायर वाहनों से ₹10,000
- 12 टायर वाहनों से ₹12,000 तक
पोस्टर लगाकर जताया विरोध
घटना के दौरान नाराज लोगों ने एक पोस्टर भी लगाया, जिसमें लिखा था कि, “मैं देहरादून आरटीओ हूं, बिना पैसे गाड़ियां नहीं चलने दूंगा।”
इस पोस्टर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
परिवहन सचिव ने दिए जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन सचिव ने तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संदीप सैनी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक संबंधित इंस्पेक्टर को निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सवालों के घेरे में परिवहन विभाग
घटना के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार और वसूली के आरोपों से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में कितनी निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होती है।

