बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में कई IAS-PCS अधिकारियों के बदले दायित्व, देखें किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी

उत्तराखंड में कई IAS-PCS अधिकारियों के बदले दायित्व, देखें किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ IAS, PCS और सचिवालय सेवा अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जारी आदेश के तहत विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।

किस अधिकारी को मिली कौन-सी जिम्मेदारी

  • विनोद कुमार (IAS-2007) को आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़े मौजूदा दायित्वों के साथ अब उत्तराखंड डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस एंड रेजिलिएंस प्रोजेक्ट (U-PREPARE) का परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है।
  • सौरभ गहरवार (IAS-2016) अब तक उद्योग, आपदा प्रबंधन और U-PREPARE परियोजना से जुड़े दायित्व संभाल रहे थे। उन्हें अब अपर सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • झरना कामठान (IAS-2016) को ग्राम्य विकास विभाग एवं UGVS-REAP परियोजना निदेशक के पद से हटाकर अपर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग बनाया गया है।
  • प्रकाश चन्द्र (IAS-2017) को समाज कल्याण और बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम से संबंधित दायित्वों से स्थानांतरित करते हुए अपर सचिव, पेयजल विभाग एवं निदेशक स्वजल की जिम्मेदारी दी गई है।
  • सुन्दर लाल सेमवाल (PCS) को सचिवालय प्रशासन विभाग से स्थानांतरित कर अपर सचिव समाज कल्याण, प्रबंध निदेशक बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम तथा आयुक्त दिव्यांगजन, उत्तराखंड नियुक्त किया गया है।
  • विक्रम सिंह यादव (सचिवालय सेवा) को बाध्य प्रतीक्षा से हटाकर अपर सचिव समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण एवं सचिवालय प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश

शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने वर्तमान पदों से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती वाले विभागों में तत्काल कार्यभार ग्रहण करें।

साथ ही कार्यभार ग्रहण करने की सूचना कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इस प्रशासनिक फेरबदल को राज्य सरकार की कार्यकुशलता बढ़ाने और विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।