राजनीति: अमित शाह ने उत्तराखंड से भरी 2027 की हुंकार। कांग्रेस पर बरसे, धामी की तारीफ में पढ़े कसीदे, पुलिस को मिला राष्ट्रपति निशान

अमित शाह ने उत्तराखंड से भरी 2027 की हुंकार। कांग्रेस पर बरसे, धामी की तारीफ में पढ़े कसीदे, पुलिस को मिला राष्ट्रपति निशान

देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड दौरे के दौरान देहरादून के परेड ग्राउंड से आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का चुनावी शंखनाद कर दिया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा में अमित शाह ने कांग्रेस, राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर जमकर निशाना साधा।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली और विकास योजनाओं की तारीफ करते हुए भाजपा की लगातार तीसरी जीत का दावा किया।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से इस बार विधानसभा चुनाव में 65 पार का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड को 1,475.31 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी।

अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष और उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाओं के साथ की। उन्होंने राज्य निर्माण आंदोलन के शहीदों को नमन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आभार जताया।

शाह ने कहा कि उत्तराखंड की जनता की वर्षों पुरानी मांग को अटल जी ने 9 नवंबर 2000 को पूरा किया था। अटल जी ने उत्तराखंड बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे संवारने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में उत्तराखंड सबसे पहले विकसित राज्यों में शामिल होगा।

राहुल गांधी की यात्रा को बताया ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा‘

अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार एसआईआर को लेकर झूठा नैरेटिव फैला रहे हैं।

उनकी वोट बचाओ यात्रा वास्तव में घुसपैठिया बचाओ यात्रा है। शाह ने जनसभा में मौजूद लोगों से सवाल किया कि क्या देश से घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहिए या नहीं? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार घुसपैठियों को हर हाल में देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

शाह ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार उत्तराखंड में शुक्रवार को नमाज के लिए स्कूलों में छुट्टी का प्रस्ताव लेकर आई थी। उन्होंने राम मंदिर का विरोध करने और घुसपैठियों को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए।

हरीश रावत के स्टिंग से सचिवालय तक पर साधा निशाना

अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी तीखे राजनीतिक प्रहार किए। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस की सरकार के दौरान उत्तराखंड के विकास के लिए क्या काम किया गया?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्य को पलायन और मनीऑर्डर इकोनॉमी के भरोसे छोड़ दिया था। पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम आए, इसके लिए कांग्रेस ने कोई ठोस प्रयास नहीं किया।

हरीश रावत के चर्चित स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र करते हुए शाह ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि उस समय सचिवालय में क्या-क्या होता था, यह दुनिया ने देखा है।

उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में कथित कमीशनखोरी, छात्रवृत्ति घोटाले और शराब नीति से जुड़े स्टिंग का भी जिक्र किया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यकाल की तारीफ की।

धामी के एक लाख करोड़ के निवेश लक्ष्य पर शाह ने सुनाया किस्सा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए अमित शाह ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा कि जब धामी ने उत्तराखंड में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा था, तब उन्हें इस आंकड़े पर थोड़ा संदेह हुआ था। इसके बाद उन्होंने खुद राज्य के मुख्य सचिव को फोन कर इस लक्ष्य की वास्तविकता और पूरी योजना के बारे में जानकारी ली।

शाह ने बताया कि मुख्य सचिव ने जब निवेश की पूरी रूपरेखा समझाई और आंकड़ों की पुष्टि की, तब उनका संदेह दूर हुआ। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री धामी की कार्यकुशलता पर पूरा भरोसा हो गया। उन्होंने कहा कि धामी सरकार उत्तराखंड के विकास और पलायन रोकने की दिशा में काम कर रही है।

UCC, नकल विरोधी कानून और सीमाओं की सुरक्षा का किया जिक्र

अमित शाह ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC), नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून को राज्य सरकार की उपलब्धियों के तौर पर पेश किया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने सबसे पहले समान नागरिक संहिता को जमीन पर उतारा और अब देश के दूसरे राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। शाह ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

सीमा सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कांग्रेस शासनकाल पर सवाल खड़े किए। शाह ने कहा कि पहले सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कें तक नहीं बनती थीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमाओं पर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है।

उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की तरफ आंख उठाने वालों को अब करारा जवाब दिया जाता है।

2027 में 65 पार का लक्ष्य, भाजपा की हैट्रिक का दावा

अमित शाह ने उत्तराखंड में भाजपा की लगातार तीसरी सरकार बनने का दावा करते हुए चुनावी आंकड़े भी गिनाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 46 प्रतिशत वोट के साथ 57 सीटें मिली थीं, जबकि 2022 में 44 प्रतिशत वोट के साथ पार्टी ने 47 सीटें हासिल की थीं। अब 2027 के चुनाव में भाजपा ने 65 पार का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सीमांत राज्य उत्तराखंड को सुरक्षित राज्य और देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करना चाहती है। शाह ने कांग्रेस पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा सरकार अवैध मजारों और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

धामी ने अंकिता भंडारी मामले पर कांग्रेस को घेरा

अमित शाह से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई की और दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई।

धामी ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए जेनी प्रकरण और दिल्ली के तंदूर कांड का जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस इन मामलों पर चुप क्यों रहती है, जबकि अंकिता मामले को लेकर लगातार सरकार से सवाल पूछे जाते हैं।

कांग्रेस का काले गुब्बारों और काली पट्टियों के साथ विरोध

दूसरी ओर, अमित शाह के दौरे के बीच कांग्रेस ने देहरादून में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर और काले गुब्बारे छोड़कर केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, अंकिता भंडारी हत्याकांड, पहाड़ों में वन्यजीवों के आतंक, अग्निवीर योजना और सहकारिता विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा।

गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता मामले में सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय सवाल उठाने वालों को ही जवाब देने में उलझा रही है।

उन्होंने मामले में कथित तौर पर एक प्रभावशाली व्यक्ति को संरक्षण दिए जाने का आरोप भी लगाया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति निशान, देश का 16वां राज्य बना

परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा के बाद अमित शाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ देहरादून स्थित रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचे। यहां उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की भव्य परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद चार धर्मों के धर्मगुरुओं ने राष्ट्रपति निशान का अभिषेक किया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति निशान (President’s Police Colour) प्रदान किया। इसके साथ ही उत्तराखंड यह सम्मान प्राप्त करने वाला देश का 16वां राज्य बन गया।

राष्ट्रपति निशान किसी पुलिस बल को उसकी उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन, वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है।

राज्य स्थापना दिवस समारोह में अमित शाह ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को भी सम्मानित किया। इनमें खेल, चिकित्सा, शिक्षा, पत्रकारिता, उद्यमिता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण और लोक संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियां शामिल रहीं।

कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा उत्तराखंड में राज्य स्थापना दिवस के समारोह के साथ-साथ 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक जमीन तैयार करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।

एक ओर भाजपा ने विकास, राष्ट्रवाद और धामी सरकार की उपलब्धियों को चुनावी एजेंडे के रूप में पेश किया, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड समेत जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरकर अपना विरोध दर्ज कराया।