क्राइम अपडेट: रिश्वतखोर अधिकारी गिरफ्तार, बच्ची से दुष्कर्म, हत्याकांड का खुलासा समेत कई बड़ी खबरें, पढ़ें….

रिश्वतखोर अधिकारी गिरफ्तार, बच्ची से दुष्कर्म, हत्याकांड का खुलासा समेत कई बड़ी खबरें, पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड में बुधवार को अपराध, भ्रष्टाचार, वन्यजीवों के हमले और पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं सामने आईं। कोटद्वार में सतर्कता विभाग ने रिश्वत लेते फायर स्टेशन प्रभारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया, तो देहरादून में छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया।

वहीं, बागेश्वर पुलिस ने 16 दिनों से लापता अधिवक्ता की हत्या का खुलासा करते हुए एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर, पौड़ी में गुलदार के हमले में चार साल की बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अधिकारियों को बंधक बना लिया।

उधर, उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर रेस्क्यू अभियान के दौरान चार ट्रेकर्स के शव बरामद हो चुके हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश की कानून व्यवस्था, ग्रामीण सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

NOC के नाम पर रिश्वत, फायर स्टेशन प्रभारी रंगे हाथ गिरफ्तार

कोटद्वार में सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फायर स्टेशन प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि उन्होंने लैंसडाउन में निर्माणाधीन होटल का फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के एवज में होटल व्यवसायी से 20 हजार रुपये की मांग की थी।

जानकारी के मुताबिक, होटल व्यवसायी रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने इसकी शिकायत देहरादून स्थित सतर्कता विभाग से की। शिकायत की जांच के बाद सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया।

इसके बाद बुधवार को सतर्कता विभाग की ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए अधिकारी को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सतर्कता विभाग यह भी जांच कर रहा है कि कहीं अधिकारी ने इससे पहले अन्य लोगों से भी रिश्वत तो नहीं ली। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

देहरादून में छह साल की मासूम से दुष्कर्म, 15 वर्षीय किशोर हिरासत में

राजधानी देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र की लेबर कॉलोनी में छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि 15 वर्षीय विधि विवादित किशोर बच्ची को अपने साथ ले गया और मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया।

घटना सोमवार देर शाम की बताई जा रही है। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किशोर को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवार मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और देहरादून में मजदूरी करते हैं। उनके घर आसपास ही स्थित हैं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी किशोर को हिरासत में लेकर संरक्षण गृह भेज दिया गया है।

पटेलनगर कोतवाली प्रभारी नरेश राठौर के मुताबिक, बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

16 दिन से लापता अधिवक्ता की हत्या, महिला और उसका भाई गिरफ्तार

बागेश्वर में 16 दिनों से लापता चल रहे 35 वर्षीय अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार उर्फ कक्कू की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है।

पुलिस ने इस मामले में एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर तीन नवंबर की शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता का शव बरामद किया गया।

पुलिस के मुताबिक, धीरेन्द्र परिहार 17 अक्टूबर की शाम घर से बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। 31 अक्टूबर को उनकी मां नन्दी परिहार ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली। जांच में धीरेन्द्र की एक महिला से लगातार बातचीत होने की जानकारी सामने आई।

पुलिस को महिला के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां भी दिखाई दीं। दो नवंबर को उनकी स्कूटी चिल्ड्रन पार्क नुमाइशखेत के पास खड़ी मिली।

पूछताछ में महिला ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेन्द्र नशे की हालत में उसके घर पहुंचे थे। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ। महिला के अनुसार, जब धीरेन्द्र ने उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया तो गुस्से में उसने घर में रखी लोहे की रॉड से उनके सिर पर दो वार कर दिए। इससे उनकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, महिला ने अगले दिन अपने भाई को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। 19 अक्टूबर की रात शव को कार की पिछली सीट पर रखकर बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुनाई बैंड के पास नदी में फेंक दिया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव के साथ हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और कार भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

गुलदार ने ली चार साल की आरुषि की जान, ग्रामीणों ने तहसीलदार और वन विभाग के अधिकारी को बनाया बंधक

पौड़ी गढ़वाल के खांड्यूसैंण में गुलदार के हमले में चार वर्षीय मासूम आरुषि की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।

मंगलवार को विधायक राजकुमार पोरी का घेराव करने के बाद बुधवार को ग्रामीणों ने पौड़ी तहसीलदार राजेंद्र गोस्वामी और वन विभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट को एक दुकान में बंद कर दिया। मौके पर पहुंचे डीएफओ महातिम यादव के साथ भी ग्रामीणों की धक्का-मुक्की हुई।

दरअसल, तीन नवंबर की शाम करीब छह बजे गुलदार ने चार वर्षीय आरुषि को अपना निवाला बना लिया था। घटना के बाद विधायक राजकुमार पोरी जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर दिया। ग्रामीण विधायक की गाड़ी पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की। बाद में विधायक ने ग्रामीणों को सुरक्षा का आश्वासन दिया।

बुधवार सुबह करीब आठ बजे ग्रामीण पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर धरने पर बैठ गए और सड़क जाम कर दी। अधिकारियों के समझाने के बावजूद ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ। सुबह करीब 11:30 बजे उन्होंने तहसीलदार और वन विभाग की एसडीओ को दुकान में बंद कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों के हमले हो रहे हैं, लेकिन वन विभाग और प्रशासन लोगों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर रहे हैं। बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर लगने लगा है।

डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि क्षेत्र में वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगाया गया है। गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने और अंतिम विकल्प के रूप में मारने के आदेश भी प्राप्त हो गए हैं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने तहसीलदार और एसडीओ को करीब आधे घंटे बाद मुक्त किया।

केदारताल ट्रेक पर मौत का मंजर, चार ट्रेकर्स के शव बरामद; लापता लोगों की तलाश जारी

उत्तरकाशी के दुर्गम केदारताल ट्रेक पर लापता ट्रेकर्स की तलाश में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान में अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें तीन शवों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया है।

इनमें दो महिलाओं की पहचान वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका (29) के रूप में हुई है। दोनों लखनऊ के गायत्री पुरम, विकासनगर की रहने वाली बहनें थीं। तीसरे शव की पहचान की प्रक्रिया जारी है। चौथे शव को निकालने का अभियान चलाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर को गंगोत्री से सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 13 सदस्यीय दल केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और ग्लेशियर के कारण रास्ता अवरुद्ध होने से दल निर्धारित समय पर वापस नहीं लौट सका।

सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में टीमें लापता ट्रेकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ की तलाश में जुटी हैं। तीन शवों को मातली पहुंचाने के बाद जिला अस्पताल में रखा गया है। शेष लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है।

प्रदेश में एक ही दिन सामने आई इन घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर सवाल हैं, तो कहीं मासूमों की सुरक्षा, ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों का बढ़ता खतरा और पर्वतीय क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन चिंता का विषय बने हुए हैं।