हरिद्वार में कांवड़िए और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद का वीडियो वायरल, भारत में ब्लॉक
देहरादून। हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान एक कांवड़िए और एसएसबी (SSB) तथा उत्तराखंड पुलिस के जवानों के बीच कथित विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
घटना को संवेदनशील मानते हुए मेटा और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इस वीडियो की भारत में उपलब्धता पर रोक लगा दी है। हालांकि, इस पूरे मामले में हरिद्वार पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, घटना हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंडी पुल के पास देर रात हुई। बताया जा रहा है कि शिवम नाम का एक कांवड़िया अपने साथियों के साथ गंगाजल लेकर लौट रहा था।
इसी दौरान वह ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात एसएसबी और उत्तराखंड पुलिस के जवानों का मोबाइल से वीडियो बनाने लगा। दावा है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान वह जवानों को उकसाने जैसी हरकतें भी कर रहा था।
इसी बीच एक अज्ञात वाहन ने कथित तौर पर उसे साइड से टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गया और उसकी कांवड़ खंडित हो गई। इसके बाद मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
वायरल वीडियो के आधार पर यह भी दावा किया जा रहा है कि युवक ने अपनी कांवड़ टूटने का आरोप मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर लगाया और उत्तराखंड पुलिस के एक जवान पर नशे की हालत में कांवड़ गिराने का आरोप लगाया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एक अन्य वायरल वीडियो में युवक राहगीरों और अन्य कांवड़ियों को मौके पर रुकने का इशारा करता दिखाई देता है। वहीं, दूसरे वीडियो में पुलिस और एसएसबी के जवान विवाद से बचते हुए स्थिति को शांतिपूर्वक संभालने का प्रयास करते नजर आते हैं।
सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में नई कांवड़ की व्यवस्था कराकर दोबारा गंगाजल भरवाया गया, जिससे मामला शांत हो गया।
इस बीच, वीडियो के व्यापक प्रसार के बाद मेटा और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा भारत में इसकी उपलब्धता सीमित कर दी गई। माना जा रहा है कि यह कदम संभावित तनाव, हिंसा या भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया।
फिलहाल, घटना को लेकर हरिद्वार पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस की आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।


