फायर सेफ्टी पर सरकार सख्त, छात्राओं से भरी बस में हुआ गैस रिसाव
देहरादून। देशभर में लगातार सामने आ रहे अग्निकांडों और सुरक्षा चूक की घटनाओं के बीच उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
वहीं हरिद्वार में छात्राओं से भरी एक निजी कॉलेज बस में सीएनजी गैस रिसाव की घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों घटनाएं जनसुरक्षा के मुद्दे को केंद्र में ला रही हैं।
उत्तराखंड सरकार ने राज्यभर में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। गृह विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।
गृह सचिव शैलेश बगोली द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हुई आग की घटनाओं को देखते हुए राज्य में सुरक्षा व्यवस्थाओं का गंभीर परीक्षण आवश्यक है।
अभियान को दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों का संयुक्त निरीक्षण होगा, जबकि दूसरे चरण में मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल, बैंक्वेट हॉल, सिनेमा हॉल और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों की जांच की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा, आपदा प्रबंधन योजना, मॉक ड्रिल और फायर हाइड्रेंट जैसी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां भी गंभीर खामियां पाई जाएंगी, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी और एसएसपी स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा भी की जाएगी तथा 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी।
इसी बीच हरिद्वार के भेल क्षेत्र में बुधवार को एक निजी कॉलेज की छात्राओं से भरी बस में सीएनजी गैस रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई।
घटना एचआरडीसी कार्यालय के पास उस समय हुई जब बस नर्सिंग की छात्राओं को उनके घर छोड़ने जा रही थी। चालक को गैस रिसाव का आभास होते ही उसने बस रोककर सभी छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बताया गया कि बस में करीब 22 छात्राएं सवार थीं और सभी सुरक्षित हैं। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र की घेराबंदी कर यातायात को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया। करीब एक घंटे तक गैस रिसाव जारी रहने से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।
फायर ब्रिगेड ने पानी की बौछार कर स्थिति को नियंत्रित किया और बस के इंजन को ठंडा करने का प्रयास किया। मौके पर एसपी क्राइम निशा यादव और सीओ सदर एसपी बलूनी भी पहुंचे।
एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर भेजा गया था। सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
हालांकि समय रहते चालक की सतर्कता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा जांच की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
एक ओर सरकार राज्यभर में अग्नि सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की तैयारी कर रही है, वहीं हरिद्वार की यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कितना जरूरी है।

