बिग ब्रेकिंग: बम धमकियों पर चारधाम में सुरक्षा सख्त। हेमकुंड से हत्यारोपी गिरफ्तार, AI फर्जीवाड़े का खुलासा

बम धमकियों पर चारधाम में सुरक्षा सख्त। हेमकुंड से हत्यारोपी गिरफ्तार, AI फर्जीवाड़े का खुलासा

देहरादून। उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियां इन दिनों कई मोर्चों पर एक साथ सक्रिय नजर आ रही हैं। एक ओर चारधाम समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियों के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

वहीं हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग से पंजाब के एक चर्चित हत्या कांड के फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। दूसरी तरफ उत्तराखंड पुलिस की फर्जी पहचान बनाकर एआई तकनीक से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का भ्रामक वीडियो वायरल करने वाले युवक को भी पुलिस ने दबोच लिया है।

चारधाम यात्रा के बीच ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इसके बाद केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब समेत सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

पुलिस, आईटीबीपी और एसडीआरएफ के जवान संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं, जबकि सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने धमकी देने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

साइबर विशेषज्ञ और खुफिया एजेंसियां धमकी के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

इसी बीच हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर पंजाब के कपूरथला जिले के चर्चित हत्या कांड में फरार चल रहे आरोपी नवजोत सिंह उर्फ मोना को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी श्रद्धालुओं के बीच रहकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था और बैडाणू गांव स्थित एक लंगर में सेवा कर रहा था।

पंजाब और चमोली पुलिस की संयुक्त टीम ने बेहद गोपनीय रणनीति अपनाते हुए सादी वर्दी में श्रद्धालुओं के रूप में लंगर में प्रवेश किया। पुलिसकर्मी आम यात्रियों की तरह भोजन करने बैठे, जबकि आरोपी स्वयं उन्हें भोजन परोसता रहा।

पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को पंजाब पुलिस अपनी हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए रवाना हो गई।

उधर, साइबर अपराध के एक मामले में देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने उत्तराखंड पुलिस का प्रतिरूपण करने वाले 20 वर्षीय युवक लुकमान मलिक को गिरफ्तार किया है।

आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर खुद को पुलिस से जुड़ा दर्शाता था और एआई/डीपफेक तकनीक की मदद से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का भ्रामक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहा था।

जांच में पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट, एआई जनरेटेड वीडियो, पुलिस वर्दी में तस्वीरें और फर्जी पुलिस पहचान पत्र से संबंधित सामग्री मिली है। पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और आर्थिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से यह गतिविधियां संचालित कर रहा था।

इन तीनों घटनाओं ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियां पारंपरिक अपराधों से लेकर साइबर अपराध और संभावित सुरक्षा खतरों तक हर स्तर पर सतर्कता के साथ काम कर रही हैं।

राज्य सरकार ने भी साफ किया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।