बीमा दावे में महिला को मिला न्याय, दहेज उत्पीड़न के आरोप में ससुराल पक्ष पर मुकदमा
रिपोर्ट- दिलीप अरोरा
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले से महिलाओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण मामले सामने आए हैं। एक ओर काशीपुर की एक महिला को अपने दिवंगत पति के बीमा दावे के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से राहत मिली है।
वहीं दूसरी ओर रुद्रपुर में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
काशीपुर क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा पांडे निवासी बतूल बेगम को अपने दिवंगत पति मोहम्मद शरीफ के बीमा दावे के लिए लंबा कानूनी संघर्ष करना पड़ा।
मोहम्मद शरीफ का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खाता था और उनके खाते के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का प्रीमियम नियमित रूप से जमा किया जाता था। वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
पति की मृत्यु के बाद बतूल बेगम ने योजना के तहत बीमा राशि के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए, लेकिन दावा लंबे समय तक लंबित रखा गया। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान बैंक ने बताया कि प्रीमियम राशि और दावा संबंधी दस्तावेज समय पर बीमा कंपनी को भेज दिए गए थे। वहीं बीमा कंपनी ने तकनीकी कमियों और समय पर दावा प्राप्त न होने का तर्क दिया, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे और सदस्या डॉ. मनीला की पीठ ने कहा कि केवल तकनीकी आधारों पर वास्तविक बीमा दावों को अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
आयोग ने बीमा कंपनी को 45 दिनों के भीतर बतूल बेगम को 2 लाख रुपये की बीमा राशि, 5 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न और 2 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन नहीं होने पर परिवाद दायर होने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
वहीं रुद्रपुर में एक विवाहिता ने अपने पति हेमंत वैध, सास, ससुर और दो ननदों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी 18 नवंबर 2021 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। विवाह में कार, आभूषण, फर्नीचर और अन्य उपहार सहित करीब 70 लाख रुपये खर्च किए गए थे।
पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसे कम दहेज लाने का ताना दिया जाने लगा और 25 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी।
मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि बेटी होने पर भी उसे अपमानित किया जाता था तथा पति को दूसरी शादी करने के लिए उकसाया जाता था।
तहरीर के अनुसार 13 मार्च 2026 को पति, सास, ससुर और दोनों ननदों ने उसके साथ मारपीट की और उसे उसकी मासूम बेटी सहित घर से बाहर निकाल दिया। आरोप है कि दोबारा घर लौटने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद से महिला अपनी बेटी के साथ मायके में रह रही है।
रुद्रपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रकाश सिंह दानू ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक को सौंपी गई है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दोनों मामलों ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में न्यायिक और कानूनी संस्थाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


