बड़ी खबर: उत्तराखंड में सियासी बवाल। मसूरी बोर्ड बैठक में धरना, रुड़की में विधायक के बेटे पर गंभीर आरोप

उत्तराखंड में सियासी बवाल। मसूरी बोर्ड बैठक में धरना, रुड़की में विधायक के बेटे पर गंभीर आरोप

देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी।

मसूरी नगर पालिका की बोर्ड बैठक हंगामे और धरने की वजह से बाधित रही, जबकि रुड़की की रामपुर नगर पंचायत में कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद के बेटे सलमान पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों से अभद्रता के आरोप लगे हैं।

मसूरी बोर्ड बैठक में हंगामा, सभासद धरने पर बैठे

मसूरी नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक शुरू होते ही सभासद सचिन गुहेर ने अपने ऊपर लगाए जा रहे कथित लेनदेन के आरोपों का विरोध करते हुए सदन में धरना शुरू कर दिया।

उनके समर्थन में पवन थलवाल, विशाल खरोला, अमित भट्ट, गौरी थपलियाल, रुचिता गुप्ता, बबीता मल्ल और शिवानी भारती भी धरने पर बैठ गए। सभासदों ने आरोपों की निष्पक्ष जांच और पूरे मामले को सार्वजनिक करने की मांग की।

हंगामे के दौरान पर्यटन प्रभारी चंद्रप्रकाश (सीपी) बडोनी के खिलाफ भी बैरियर से होने वाली आय और कथित लेनदेन को लेकर सवाल उठे। कुछ सभासदों ने उनके इस्तीफे की मांग की, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और बैठक की कार्यवाही बाधित हो गई।

बढ़ते विवाद के बीच पर्यटन प्रभारी चंद्रप्रकाश बडोनी ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की। इसके बाद माहौल शांत हुआ और बोर्ड बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू हो सकी।

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई या निर्णय लिया जाएगा।

रुड़की में विधायक के बेटे पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप

हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित रामपुर नगर पंचायत कार्यालय में पिरान कलियर से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद के बेटे सलमान पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्मचारियों से अभद्रता करने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रोहित पंवार ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।

शिकायत के अनुसार, 3 अगस्त को सलमान नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे, जहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुआ। घटना सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल वीडियो में रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है।

अधिशासी अधिकारी रोहित पंवार का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया के चलते कार्यालय में भारी भीड़ थी और सलमान अपना काम तत्काल कराने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है और विधायक फुरकान अहमद या उनके बेटे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने कहा कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।