बिग ब्रेकिंग: हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी पर शहरी विकास सचिव को अवमानना नोटिस, 4 हफ्ते में मांगा जवाब

हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी पर शहरी विकास सचिव को अवमानना नोटिस, 4 हफ्ते में मांगा जवाब

देहरादून। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने अपने आदेश के अनुपालन में कथित लापरवाही बरतने के मामले में शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश कुमार झा को अवमानना नोटिस जारी किया है।

यह मामला शहरी विकास निदेशालय में शहरी अवसंरचना विशेषज्ञ (अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट) के पद पर कार्यरत रहे विस्तार गुप्ता की सेवा समाप्ति से जुड़ा है।

विस्तार गुप्ता को 17 मार्च 2026 को सेवा से हटा दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

न्यायालय ने 28 अप्रैल 2026 को पारित आदेश में उन्हें दो सप्ताह के भीतर सचिव के समक्ष पुनर्नियोजन के लिए प्रतिनिधित्व देने की अनुमति दी थी और निर्देश दिया था कि प्रतिनिधित्व प्राप्त होने के 10 सप्ताह के भीतर उस पर निर्णय लिया जाए।

याचिकाकर्ता ने 5 मई 2026 को सचिव नितेश कुमार झा के समक्ष हाई कोर्ट के आदेश की प्रति के साथ अपना प्रतिनिधित्व प्रस्तुत कर दिया। आरोप है कि निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बावजूद सचिव स्तर पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

इसे अदालत के आदेश की अवहेलना बताते हुए अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 12 के तहत अवमानना याचिका दाखिल की गई।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने प्रथम दृष्टया मामला विचारणीय मानते हुए सचिव नितेश कुमार झा को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी किया है।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस बीच मूल आदेश का पालन करते हुए याचिकाकर्ता के प्रतिनिधित्व पर निर्णय ले लिया जाता है, तो इसकी जानकारी भी अदालत को दी जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अवमानना नोटिस जारी होने का अर्थ सचिव को दोषी ठहराना नहीं है। इसका उद्देश्य केवल यह जानना है कि न्यायालय के आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ, अथवा यदि पालन कर दिया गया है तो उसका विवरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।