पिथौरागढ़ में मिला संदिग्ध शव, खटीमा में हाथी के बच्चे की मौत। रामनगर में भीड़ हमला, 5 गिरफ्तार
देहरादून। उत्तराखंड में तीन अलग-अलग घटनाओं ने स्थानीय क्षेत्रों में सनसनी फैला दी है। पिथौरागढ़ के चंडाक क्षेत्र में सोमवार देर शाम पुनेड़ी के जंगल में एक युवक का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ।
शव एक होटल के नीचे करीब 100 मीटर दूर जंगल में मिला, जिसे पुलिस ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। मृतक की उम्र 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है तथा चेहरे पर चोट के निशान पाए गए हैं।
शव करीब 3 से 4 दिन पुराना होने की आशंका है। प्रभारी कोतवाल मदन सिंह बिष्ट के अनुसार, शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। इस घटना ने क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में 2 नवंबर को टैक्सी चालक प्रदीप दरियाल का शव भी काली नदी किनारे मिला था, जिसके बाद से जिले में लगातार शव मिलने की घटनाएँ लोगों में भय और चिंता बढ़ा रही हैं।
उधर, उधम सिंह नगर जिले के खटीमा वन क्षेत्र के चकरपुर रेंज में चार माह के नर हाथी के बच्चे का सड़ा-गला शव मिला। ग्रामीण महिलाओं ने जंगल में चारा काटते समय शव को देखा और वन विभाग को सूचना दी।
मौके पर पहुंची टीम ने पोस्टमार्टम करवाया, जिसमें मृत हाथी के शरीर पर बाघ के पंजे के निशान पाए गए। इससे मौत को वन्यजीव संघर्ष का मामला माना जा रहा है।
एसडीओ संचिता वर्मा ने बताया कि बाघ द्वारा हाथी के बच्चे पर हमला दुर्लभ घटना है, हालांकि सुरक्षा दृष्टि से क्षेत्र में वन्यजीव गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद हाथी के बच्चे के शव को सुरक्षित दफनाया गया।
इधर, नैनीताल जिले के रामनगर में कथित प्रतिबंधित मांस के शक में पिकअप चालक नासिर हुसैन के साथ भीड़ द्वारा मारपीट किए जाने के मामले में पुलिस ने 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
23 अक्टूबर को हुए इस घटनाक्रम में नासिर की पिटाई कर उसकी पिकअप गाड़ी में तोड़फोड़ की गई थी, जिसके बाद उसकी पत्नी नूरजहां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

