फर्जी लोन घोटाले से जंगलों की आग तक, उत्तराखंड में कई बड़े मामले उजागर। पढ़ें….
रिपोर्ट- गिरीश चंदोला
देहरादून। उत्तराखंड में अपराध, वनाग्नि, सड़क हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। अल्मोड़ा में फर्जी लोन घोटाले का खुलासा करते हुए पुलिस ने शिकायतकर्ता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वहीं उत्तरकाशी और चमोली में जंगलों में लगी भीषण आग से हजारों पौधे जलकर राख हो गए हैं। दूसरी ओर रुद्रपुर की अदालत ने सड़क दुर्घटना में मृत व्यवसायी के परिजनों को 31 लाख रुपये से अधिक मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
उधर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर शॉर्टकट के चक्कर में फंसे चार श्रद्धालुओं को पुलिस और रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। अल्मोड़ा जिले में फर्जी लोन घोटाले की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
कांग्रेस सेवा दल के जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह नेगी ने बीते वर्ष शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि उनकी फर्म “जय गोलू ट्रेडर्स” के नाम का दुरुपयोग कर पांच लाख रुपये का ऋण लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता स्वयं भी पूरे षड्यंत्र में शामिल था।
पुलिस ने दिनेश नेगी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील सिंह कठायत और ग्राम प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वहीं उत्तरकाशी जिले के ज्ञानसू और बसूंगा गांव के जंगलों में लगी भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया है। तेज गर्मी और चीड़ के सूखे जंगलों के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे आसपास की बस्तियों, गौशालाओं और आश्रमों पर खतरा मंडरा रहा है।
वन विभाग, अग्निशमन विभाग और एनडीआरएफ की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में भी जंगलों में लगी आग से भारी नुकसान हुआ है। पश्चिमी पिंडर रेंज के अंतर्गत लगी आग में करीब 5500 शिशु पौधे जलकर नष्ट हो गए, जबकि लाखों रुपये की वन संपदा भी स्वाहा हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग समय रहते आग पर काबू पाने में विफल रहा। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं और आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास जारी हैं।
उधर रुद्रपुर की द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अदालत ने सड़क दुर्घटना में मृत अफजलगढ़ निवासी व्यवसायी रंजीत सिंह भाटिया के परिजनों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने बीमा कंपनी को मृतक के परिवार को 31 लाख 12 हजार 611 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। मामला वर्ष 2020 में बाजपुर क्षेत्र में हुए सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें तेज रफ्तार छोटा हाथी वाहन की टक्कर से रंजीत सिंह भाटिया की मौत हो गई थी।
इधर श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर शॉर्टकट लेने के दौरान नदी किनारे फंस गए चार दिल्ली निवासी श्रद्धालुओं का रुद्रप्रयाग पुलिस, YMF और DDRF की संयुक्त टीम ने देर रात सफल रेस्क्यू किया।
भीमबली और लिंचोली के बीच दुर्गम क्षेत्र में फंसे श्रद्धालुओं को रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से सुरक्षित मुख्य मार्ग तक पहुंचाया गया। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार के शॉर्टकट से बचें।

