राजनीति: उत्तराखंड में 2027 की जंग तेज! वोटर लिस्ट पर हल्लाबोल, कांग्रेस ने मजबूत किया मीडिया नेटवर्क

उत्तराखंड में 2027 की जंग तेज! वोटर लिस्ट पर हल्लाबोल, कांग्रेस ने मजबूत किया मीडिया नेटवर्क

देहरादून। उत्तराखंड की मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने SIR प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए भारत निर्वाचन आयोग से तत्काल जांच और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग के मुख्यालय पहुंचा और विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस का आरोप है कि उत्तराखंड में पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जबकि कुछ लोगों को बिना उचित आधार के मृत या अनुपस्थित तक चिह्नित किया जा रहा है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव आयोग के मुख्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद नेताओं ने आयोग के बाहर धरना देकर विरोध जताया और बाद में निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उत्तराखंड में चल रही SIR प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी सीधे नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा गंभीर मामला है और पात्र मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान कई लोगों को गलत तरीके से यह कहते हुए चिह्नित किया जा रहा है कि वे संबंधित पते पर नहीं रहते हैं।

उन्होंने दावा किया कि कुछ मतदाताओं को मृत या अनुपस्थित बताया जा रहा है, जबकि ऐसे मामलों में यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि शिकायत किसने की और आपत्ति दर्ज कराने वाला व्यक्ति कौन है।

कांग्रेस प्रभारी ने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्ति दर्ज की जा रही है तो उसकी शिकायत और शिकायतकर्ता की पहचान को लेकर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

शैलजा ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को हर शिकायत की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और किसी भी दबाव से मुक्त होकर मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया संचालित करनी चाहिए।

कांग्रेस ने साफ कहा कि उत्तराखंड के मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मामले में पार्टी पीछे नहीं हटेगी और निर्वाचन आयोग को इन गंभीर आरोपों पर जवाब देना होगा।

उधर, निर्वाचन आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड में SIR को लेकर कांग्रेस की ओर से दिया गया ज्ञापन प्राप्त हो गया है और आयोग मामले पर विचार करेगा।

फिलहाल कांग्रेस के आरोपों की आधिकारिक जांच या निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

विधायक फुरकान अहमद का गंभीर आरोप, बोले- मेरे नाम पर फर्जी आपत्ति लगाई गई

पिरान कलियर से विधायक फुरकान अहमद ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके नाम पर यह आपत्ति दर्ज की गई कि वह संबंधित क्षेत्र के निवासी नहीं हैं।

फुरकान अहमद के अनुसार, उनका परिवार लंबे समय से क्षेत्र से जुड़ा रहा है और उनके पिता पांच बार सरपंच तथा भाई तीन बार सरपंच रह चुके हैं। उन्होंने स्वयं वर्ष 1996 और 2007 में चुनाव भी लड़ा है।

विधायक का आरोप है कि जब उन्हें अपने नाम पर दर्ज आपत्ति की जानकारी मिली और उन्होंने कथित शिकायतकर्ता से संपर्क किया तो उसने ऐसी कोई आपत्ति दर्ज करने से इनकार कर दिया।

फुरकान अहमद के मुताबिक संबंधित व्यक्ति उनके साथ एसडीएम कार्यालय भी पहुंचा और अधिकारियों के सामने कहा कि उसने कोई आपत्ति दाखिल नहीं की है।

विधायक ने मांग की है कि यदि किसी व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से मतदाता सूची में आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं तो पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

2027 की जंग से पहले कांग्रेस ने मजबूत किया मीडिया फ्रंट

SIR को लेकर राजनीतिक लड़ाई के साथ कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। पार्टी ने मीडिया और संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पांच कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं।

पंखुड़ी पाठक को नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि प्रकाश मीणा, अरुण अग्रवाल, रितु चौधरी और आदित्य गर्ग को कोऑर्डिनेटर बनाया गया है।

कांग्रेस के अनुसार, सभी नियुक्त पदाधिकारी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के तहत उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। उनका मुख्य काम पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों, जनहित से जुड़े मुद्दों और संगठनात्मक गतिविधियों को मीडिया तथा जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना होगा।

प्रदेश कांग्रेस की रणनीति के तहत आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जिला स्तर तक मीडिया कोऑर्डिनेशन को मजबूत किया जाएगा।

स्थानीय मीडिया के साथ बेहतर तालमेल बनाने के साथ ही पार्टी सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों, प्रदेश के मुद्दों और जनहित से जुड़े मामलों को प्रेस कॉन्फ्रेंस तथा अन्य माध्यमों से जोरदार तरीके से उठाएगी।

कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह के अनुसार, चुनावी दौर में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को देखते हुए पार्टी संचार तंत्र को मजबूत कर रही है।

AICC के कम्युनिकेशन विभाग से मिलने वाले दिशा-निर्देशों को प्रदेश स्तर पर लागू किया जाएगा और सभी प्रवक्ता व मीडिया टीम के सदस्य एक समन्वित रणनीति के तहत काम करेंगे। पार्टी की नई प्रदेश मीडिया कमेटी के गठन की भी तैयारी की जा रही है।

मतदाता सूची पर उठे सवाल, चुनाव आयोग के दरवाजे पर कांग्रेस का प्रदर्शन और दूसरी ओर 2027 की तैयारी के लिए मीडिया संगठन को मजबूत करने की कवायद ने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक जंग अभी से तेज होने लगी है।

SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों की सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी, लेकिन आने वाले दिनों में मतदाता सूची और चुनावी तैयारियों का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन सकता है।