कहीं धरना, कहीं गोलीबारी, कहीं आपदा का कहर! उत्तराखंड में दिनभर की बड़ी घटनाएं, एक क्लिक में पढ़ें….
देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार को आंदोलन, अपराध, आपदा और न्यायिक मामलों ने सुर्खियां बटोरीं। रुद्रपुर में किसानों के कलेक्ट्रेट कूच के दौरान एक युवक के पास कथित पंपिंग गन मिलने से हड़कंप मच गया, जबकि चमोली के पीपलकोटी-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना टनल हादसे में मृत श्रमिकों के आश्रितों को करीब 45-45 लाख रुपये और घायलों को 3.50 लाख रुपये की सहायता देने पर सहमति बनी।
वहीं देहरादून में फायरिंग और बढ़ते अपराधों को लेकर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे, टिहरी में 14 दिन से लापता रेशमा बिष्ट की तलाश जारी रही और चंपावत में पूर्व महिला ग्राम प्रधान को जूतों की माला पहनाकर अपमानित करने के मामले में 10 दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई।
रुद्रपुर में किसान आंदोलन के बीच कथित पंपिंग गन मिलने से हड़कंप
उधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में भारतीय किसान यूनियन के तीन दिवसीय आंदोलन के दौरान कलेक्ट्रेट कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच एक युवक के पास कथित तौर पर पंपिंग गन मिलने की सूचना से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर हथियार को कब्जे में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी।
सीओ दौलत राम वर्मा के अनुसार, हथियार से संबंधित दस्तावेजों और उसकी वैधता की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि युवक हथियार लेकर आंदोलन स्थल पर क्यों पहुंचा था और हथियार उसके पास कहां से आया।
इसी बीच किसानों का चार सूत्रीय मांगों को लेकर धरना जारी रहा। किसानों ने 300 यूनिट तक घरेलू बिजली मुफ्त देने, किसानों के ट्यूबवेल की बिजली माफ करने, बाजपुर के 20 गांवों की जमीन का मालिकाना हक देने और पेंशन बहाली की मांग उठाई है। किसानों ने 21 से 23 अगस्त तक कलेक्ट्रेट गेट के बाहर धरना जारी रखने का ऐलान किया है।
पीपलकोटी टनल हादसा: मृतकों के आश्रितों को 45 लाख की सहायता
चमोली में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद मृत और घायल श्रमिकों के मुआवजे को लेकर सहमति बन गई है।
उप जिलाधिकारी चमोली राज कुमार पांडेय की अध्यक्षता में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, एचसीसी और श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में प्रत्येक मृत श्रमिक के आश्रित को करीब 45 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को कुल 3.50 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय लिया गया।
हादसे के समय टनल में 22 श्रमिक काम कर रहे थे। रेस्क्यू अभियान करीब 117 घंटे तक चला, जिसमें 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि 10 श्रमिकों की मौत हो गई। आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एक सप्ताह के भीतर सहायता राशि लाभार्थियों के खातों में भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
अंकिता भंडारी मामले में कांग्रेस ने उठाए सवाल
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश की जनता और अंकिता के परिजनों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि जांच किस स्थिति में है।
कांग्रेस ने मामले से जुड़े कथित वीआईपी पहलुओं पर भी सवाल उठाए और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्टी का कहना है कि न्याय मिलने तक इस मुद्दे को लगातार उठाया जाएगा।
देहरादून में बढ़ती हिंसा और फायरिंग से कानून-व्यवस्था पर सवाल
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में 20 अगस्त को दो स्थानों पर हुई फायरिंग की घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस के अनुसार, पुराने विवाद के चलते दो युवक गुटों के बीच पहले मारपीट हुई और बाद में फायरिंग की गई, जिसमें साहिल नाम का युवक घायल हो गया।
पुलिस ने मामले में 11 नामजद युवकों समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई करते हुए सुजल पाल, आदित्य मलिक, अंशुल और आर्यन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।
हाल के दिनों में छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प, सड़क पर फायरिंग, चेन स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं ने देहरादून की बदलती तस्वीर पर चिंता बढ़ाई है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल का कहना है कि संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और छात्र समूहों की गतिविधियों पर भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नजर रखी जा रही है।
टिहरी में 14 दिन से लापता रेशमा, हत्या की आशंका
टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर क्षेत्र की रेशमा बिष्ट 6 अगस्त से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हैं। 14 दिन बीतने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें जलकुर नदी, टिहरी झील और आसपास के जंगलों में लगातार सर्च अभियान चला रही हैं। ड्रोन की मदद से भी तलाश की जा रही है।
तलाश के दौरान नदी किनारे एक चप्पल, चुनरी और दरांती मिली है, लेकिन मायके पक्ष ने इन सामानों और घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है।
रेशमा के भाई ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की हर एंगल से जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन जारी है और महिला के संबंध में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नर्सिंग भर्ती विवाद में जांच की मांग, 32 लाख की धोखाधड़ी का मामला भी चर्चा में
देहरादून में नर्सिंग एकता मंच का आंदोलन 269वें दिन भी जारी रहा। मंच ने 25 जुलाई को हुई नर्सिंग लिखित परीक्षा की निष्पक्षता और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मंच ने कथित तौर पर 32 लाख रुपये के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य होने का भी दावा किया है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 17 अगस्त को दर्ज 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला प्रथम दृष्टया नौकरी दिलाने के नाम पर व्यक्तिगत धोखाधड़ी से जुड़ा है। अब तक की जांच में भर्ती परीक्षा, प्रश्नपत्र लीक या किसी चयन एजेंसी से आरोपी का संबंध होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। मामले की विवेचना जारी है।
चंपावत: पूर्व महिला ग्राम प्रधान से अभद्रता के 10 दोषियों को पांच-पांच साल की सजा
चंपावत की विशेष सत्र न्यायालय (एससी-एसटी कोर्ट) ने अनुसूचित जनजाति वर्ग की पूर्व महिला ग्राम प्रधान को जूतों की माला पहनाकर अपमानित करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।
अदालत ने पांच महिलाओं समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल के साधारण कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला जुलाई 2024 का है, जब बाढ़ राहत सामग्री वितरण के दौरान पूर्व ग्राम प्रधान के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की, अभद्रता और जातिसूचक गाली-गलौज की गई थी। अदालत ने पीड़िता को कुल दो लाख रुपये की प्रतिकर राशि देने का भी आदेश दिया है।
520 रुपये का पिज्जा पड़ा 10,520 रुपये का
हरिद्वार जिला उपभोक्ता आयोग ने ऑनलाइन ऐप के माध्यम से 10 इंच का पिज्जा ऑर्डर करने पर सात इंच का पिज्जा डिलीवर करने और रिफंड नहीं देने के मामले में ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म और कैफे को सेवा में कमी का दोषी माना है।
आयोग ने दोनों को संयुक्त रूप से पिज्जा की कीमत, डिलीवरी शुल्क, मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद खर्च मिलाकर कुल 10,520 रुपये शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया है। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों को लेकर भी चर्चा में है।
मसूरी में भूस्खलन से मकान और दुकान ध्वस्त, परिवार ने भागकर बचाई जान
पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार बारिश के बीच मसूरी-कैंपटी रोड पर सांझा दरबार के पास भूस्खलन की चपेट में आने से एक मकान और दुकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। हादसे के समय परिवार के सदस्य मकान में मौजूद थे, लेकिन जमीन खिसकने का खतरा महसूस होते ही सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए और बड़ी जनहानि टल गई।
मकान और दुकान के गिरने से घरेलू और व्यावसायिक सामान मलबे में दब गया। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उप जिलाधिकारी मसूरी राहुल आनंद को प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और आपदा मानकों के अनुसार मुआवजे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
उत्तराखंड में एक ही दिन सामने आईं इन घटनाओं ने राज्य के सामने आंदोलन और कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, श्रमिक सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों जैसे कई अहम मुद्दों को एक साथ चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


