हादसा, हमला, दहेज उत्पीड़न और फायरिंग! पढ़ें अपराध से जुड़ी पांच बड़ी खबरें….
देहरादून। हरिद्वार जिले में अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं। लक्सर में जेसीबी की टक्कर से बाइक सवार 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
वहीं कुआंखेड़ा में एक युवक पर गंडासे से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। दूसरी ओर दहेज उत्पीड़न और कथित तीन तलाक के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है।
हरिद्वार में शादी समारोह के दौरान लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करने वाले दूल्हे पर पुलिस ने कार्रवाई की है। वहीं मसूरी के कैंपटी फॉल में डूबते पर्यटक की जान एक अनजान डॉक्टर की तत्परता और सीपीआर से बच गई।
जेसीबी की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत
लक्सर के रायसी क्षेत्र में बीती देर रात बाणगंगा पुल के पास जेसीबी और बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार 19 वर्षीय रवि निवासी कुड़ी नेतवाला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बाइक पर सवार दो अन्य युवक मामूली रूप से घायल हो गए।
बताया गया कि रवि अपने दो दोस्तों के साथ रायसी से गांव लौट रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही जेसीबी ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रवि को मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
गंडासे से युवक पर जानलेवा हमला, नौ के खिलाफ मुकदमा
लक्सर कोतवाली क्षेत्र के कुआंखेड़ा गांव में एक युवक पर कथित तौर पर घात लगाकर हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दुर्गा माता मंदिर के पास करण पाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर अरविंद कुमार को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
इसी दौरान गंडासे से उसके सिर पर वार कर दिया गया।
हमले में अरविंद गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। आरोप है कि इसके बाद भी हमलावरों ने लाठी-डंडों से उसकी पिटाई जारी रखी। एक आरोपी द्वारा हाथ पर डंडे से वार किए जाने से उसकी हड्डी टूटने की बात भी सामने आई है।
शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल को बचाया। परिजन उसे लक्सर सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर हालत में हरिद्वार और बाद में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
घायल की पत्नी राजदेवी की तहरीर पर पुलिस ने करण पाल समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
दहेज उत्पीड़न के बाद कथित तीन तलाक का आरोप
लक्सर कोतवाली क्षेत्र में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने और मारपीट के बाद पति द्वारा कथित तौर पर तीन बार तलाक कहकर घर से निकालने का मामला भी सामने आया है।
मख्याली खुर्द निवासी महिला के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन का निकाह वर्ष 2013 में जबरदस्तपुर निवासी युवक के साथ हुआ था। आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को परेशान करने लगा। पीड़िता के चार बच्चे हैं।
तहरीर के मुताबिक दूसरी बेटी के जन्म के बाद ससुराल पक्ष ने कथित तौर पर दो लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। नौ अगस्त की रात महिला के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप है। अगले दिन परिजन जब ससुराल पहुंचे तो आरोप है कि उनके सामने ही पति ने महिला को तीन बार तलाक कहकर घर से निकाल दिया।
पुलिस ने पीड़िता के पति, सास और ननद समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शादी में पिस्टल से फायरिंग, दूल्हे पर मुकदमा
हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान लाइसेंसी पिस्टल से खुलेआम फायरिंग करना दूल्हे को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की।
जांच में फायरिंग करने वाले युवक की पहचान लक्सर के टांडा मेहतौली निवासी योगेश कुमार के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक 26 जुलाई को लक्सर रोड स्थित एक वाटिका फार्म में उसकी शादी की पार्टी आयोजित की गई थी। आरोप है कि इसी दौरान योगेश ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से बिना अनुमति कई राउंड फायर किए।
वीडियो वायरल होने के बाद कनखल पुलिस ने जांच की और आरोपी की पहचान की। पुलिस ने योगेश कुमार के खिलाफ धारा 30 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि शादी और सार्वजनिक समारोहों में इस तरह हथियार निकालकर फायरिंग करना नियमों का उल्लंघन है।
कैंपटी फॉल में डूबते पर्यटक के लिए फरिश्ता बना अनजान डॉक्टर
मसूरी के कैंपटी फॉल में रविवार को हरियाणा के पानीपत निवासी 29 वर्षीय अजय गौतम अपने चार दोस्तों के साथ घूमने आया था। इसी दौरान वह पानी की तेज निकासी वाले हिस्से में फंस गया और डूबने लगा। जब तक साथियों को पता चला, उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे पानी से बाहर निकाला और मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां मौजूद एक डॉक्टर ने अजय की हालत देख तुरंत मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए प्राथमिक उपचार शुरू किया और सीपीआर देकर उसकी जान बचाने का प्रयास किया।
काफी प्रयास के बाद अजय को होश आया और उसकी हालत कुछ स्थिर हुई। इसके बाद उसे एंबुलेंस से मसूरी उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया। खास बात यह रही कि डॉक्टर भी उसके साथ अस्पताल पहुंचे और उपचार में सहयोग किया। मरीज की हालत स्थिर होने के बाद ही वह वहां से रवाना हुए।
चिकित्सकों के अनुसार डूबने के कारण अजय के फेफड़ों में पानी चला गया था और उसका ऑक्सीजन स्तर काफी गिर गया था। हालत गंभीर होने के कारण उसे देहरादून के हायर सेंटर रेफर किया गया।
वहीं, अजय की जान बचाने वाले डॉक्टर की पहचान अभी तक सामने नहीं आ सकी है। स्थानीय लोग उनकी तत्परता और मानवता की जमकर सराहना कर रहे हैं।
इन घटनाओं ने जहां सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है, वहीं कैंपटी फॉल की घटना यह भी दिखाती है कि संकट की घड़ी में एक अनजान व्यक्ति की तत्परता किसी की जिंदगी बचाने में कितनी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
ऋषिकेश में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने उजाड़ा परिवार, करंट से मां-बेटी की मौत
खदरी क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सड़क पर टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से 26 वर्षीय महिला और उसकी महज दो साल की बेटी की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि बिजली के तार में करंट प्रवाहित हो रहा था और सड़क पर जमा पानी भी करंट की चपेट में आ गया था। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में ऊर्जा निगम के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, खदरी क्षेत्र निवासी सुमन रविवार शाम अपनी दो साल की बेटी सृष्टि और बेटे के साथ घर लौट रही थी। सड़क पर पानी जमा था। इसी दौरान सुमन का पैर पानी में पड़ा और वह अचानक करंट की चपेट में आकर गिर गई।
पास मौजूद उसकी मासूम बेटी भी मां के संपर्क में आने के कारण करंट की चपेट में आ गई।
कुछ ही पलों में मां-बेटी गंभीर रूप से झुलस गईं। मां को गिरता देख मासूम बेटा मदद के लिए घर की ओर दौड़ा।
परिजन मौके पर पहुंचे तो सड़क पर बिजली का तार पड़ा हुआ था। दोनों को तत्काल एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि दो वर्षीय सृष्टि ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद एम्स में हंगामा
मां-बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। एम्स ऋषिकेश में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और ऊर्जा निगम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि बिजली का तार समय रहते हटाया जाता या इलाके की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी जाती तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
8 लाख रुपये मुआवजे के ऐलान से भी नहीं माने ग्रामीण
विद्युत विभाग की ओर से अधिशासी अभियंता शक्ति सिंह ने पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
हालांकि, ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना था कि किसी भी मुआवजे से मां और मासूम बच्ची की जिंदगी वापस नहीं लाई जा सकती। ग्रामीणों ने मुआवजे के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान ने भी ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
लापरवाही साबित हुई तो होगी कार्रवाई
ऋषिकेश एसडीएम कुमकुम जोशी ने कहा कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों को पहले भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। जिन कर्मचारियों या अधिकारियों के स्तर से समय पर कार्रवाई नहीं हुई, उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
हादसा या गंभीर लापरवाही?
इस घटना ने ऊर्जा निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बिजली का तार टूटकर सड़क पर कैसे गिरा? उसमें करंट प्रवाहित क्यों होता रहा?
सड़क पर पानी जमा होने के बावजूद विद्युत आपूर्ति बंद क्यों नहीं की गई? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल एक ही हादसे में मां और उसकी मासूम बेटी की मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।


