क्राइम अपडेट: साइबर ठगी, गैंगस्टर की मुठभेड़ और बच्चा तस्करी में सजा समेत पढ़ें दिनभर की बड़ी खबरें एक क्लिक में….

साइबर ठगी, गैंगस्टर की मुठभेड़ और बच्चा तस्करी में सजा समेत पढ़ें दिनभर की बड़ी खबरें एक क्लिक में….

देहरादून। उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। देहरादून में ₹55.48 लाख की साइबर ठगी के मामले में एसटीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को अमृतसर से गिरफ्तार किया है।

वहीं प्रेमनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में सहारनपुर का गैंगस्टर घायल हुआ। हल्द्वानी में सोने की अंगूठी झपटने वाला आरोपी 24 घंटे में पकड़ा गया, जबकि बेटे को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद मां की मौत के मामले ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दूसरी ओर, देहरादून में दो साल के बच्चे को दूसरे परिवार को देने के मामले में चार दोषियों को 10-10 साल की कठोर सजा सुनाई गई है। किच्छा और लालपुर में क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को ढो रही निजी बसों पर परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

₹55.48 लाख की साइबर ठगी, अमृतसर से आरोपी गिरफ्तार

देहरादून में शेयर और आईपीओ में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का झांसा देकर की गई ₹55,48,412 की साइबर ठगी के मामले में एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस ने अमृतसर से 20 वर्षीय प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम में से ₹8,94,300 आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद को IIFL Wealth Management से जुड़ा बताकर शिकायतकर्ता को निवेश का झांसा दिया। 16 दिसंबर 2025 से 28 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में RTGS के जरिए रकम जमा कराई गई। आरोपी के खाते में पहुंची रकम को चेक और एटीएम के जरिए निकाला गया।

एसटीएफ ने बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अमृतसर के तारा वाला पुल, जालंधर रोड से आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से मोबाइल फोन और एसएमएस अलर्ट नंबर बरामद हुआ है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम की बरामदगी के लिए कार्रवाई कर रही है।

प्रेमनगर में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, गैंगस्टर रईस घायल

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देहरादून पुलिस के चेकिंग अभियान के दौरान प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में सहारनपुर का गैंगस्टर रईस दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी नवाब अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

पुलिस के मुताबिक 12 और 13 अगस्त की दरम्यानी रात बिना नंबर की बाइक पर दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। दोनों बाइक छोड़कर चाय बागान की ओर भागे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रईस घायल हुआ। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद किए।

सड़क किनारे छोड़ी गई बाइक से चापड़, कुल्हाड़ी, दो छुरी और नाइलोन की रस्सी भी मिली। पुलिस के अनुसार रईस पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं और वह करीब दो साल पुराने गोकशी के मामले में भी वांछित था। पुलिस के मुताबिक वह अपने साथी के साथ दोबारा गोकशी की फिराक में देहरादून आया था।

वरिष्ठ नागरिक की अंगूठी झपटने वाला 24 घंटे में गिरफ्तार

हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिक से करीब एक लाख रुपये कीमत की सोने की अंगूठी झपटने वाले आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रामनगर निवासी 60 वर्षीय विनोद शर्मा के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार कुसुमखेड़ा निवासी महेंद्र चंद तिवारी के हाथ से 8 अगस्त को करीब 6-7 ग्राम की सोने की अंगूठी झपट ली गई थी। मामले में 10 अगस्त को मुकदमा दर्ज हुआ। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को बिना नंबर की स्कूटी के साथ पकड़ लिया। उसके कब्जे से झपटी गई अंगूठी भी बरामद हुई है।

बेटे की हिरासत के बाद मां की मौत, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में बेटे को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद एक मां की मौत का मामला सामने आया है। दुर्गा कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय सविता देवी के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके बेटे को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। बेटे की रिहाई के लिए महिला कोतवाली पहुंची थीं।

परिजनों के मुताबिक घर लौटने के कुछ समय बाद सविता देवी अचेत अवस्था में मिलीं। उन्हें बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवक को छोड़ दिया।

पुलिस का कहना है कि युवक को 112 पर मिली शिकायत के आधार पर लाया गया था और उसके खिलाफ केवल 81 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। महिला की मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।

दो साल के बच्चे को दूसरे परिवार को देने के मामले में चार दोषियों को 10 साल की सजा

देहरादून के कैंट थाना क्षेत्र में दो नाबालिग भाइयों को घर से ले जाने और दो वर्षीय बच्चे को दूसरे परिवार को देने के मामले में अदालत ने प्रियंका, तान्या, सैंटी और राकेश को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने राहुल को आरोपों से बरी कर दिया।

मामला 16 दिसंबर 2024 का है। पुलिस के अनुसार रीना के पांच वर्षीय बेटे आकाश और दो वर्षीय विकास को राकेश उनकी मां की जानकारी और सहमति के बिना घर से ले गया था। जांच के दौरान दो वर्षीय विकास को बिजनौर क्षेत्र से बरामद किया गया।

अभियोजन के अनुसार बच्चे को दूसरे परिवार तक पहुंचाने के बदले आरोपियों को ₹2 लाख मिले थे। अदालत ने धारा 137(2) और 143(4) के तहत दोषियों को सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ चलने के कारण प्रभावी सजा 10 वर्ष की कठोर कैद होगी।

ओवरलोड बसों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई

उधम सिंह नगर में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरने वाली निजी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।

किच्छा में 50 यात्रियों की क्षमता वाली बस में करीब 110 यात्री मिलने पर ₹1.07 लाख का चालान किया गया। यात्रियों के अनुसार बस में एक सीट पर सात-आठ लोगों तक को बैठाया गया था। विभाग ने परमिट निरस्त करने और चालक के लाइसेंस पर कार्रवाई शुरू की है।

वहीं लालपुर में महज 30 स्लीपर की क्षमता वाली बस में 138 वयस्क और 30 बच्चों समेत कुल 168 यात्री मिले। बस में बिना टैक्स और बिना परमिट संचालन जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं। दूसरी बस में 30 स्लीपर की क्षमता के बावजूद 103 यात्री मिले। इस बस का भी चालान कर उसे सीज किया गया।

कार्रवाई के बाद यात्रियों को परिवहन निगम की वैकल्पिक बसों से उनके गंतव्य तक भेजा गया। लगातार सामने आ रहे ओवरलोडिंग के मामलों ने अंतरराज्यीय मार्गों पर बसों की नियमित जांच और यात्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हरिद्वार में स्पेयर पार्ट्स की दुकान में आग, तीन बाइक जलीं

हरिद्वार में सुबह स्पेयर पार्ट्स की दुकान में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

आग की चपेट में आने से दुकान में रखी तीन पुरानी बाइक और बड़ी मात्रा में स्पेयर पार्ट्स जल गए। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से आसपास की दुकानों तक आग फैलने से बच गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, वास्तविक कारण और नुकसान का आकलन जांच के बाद स्पष्ट होगा।