उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट। केदारनाथ यात्रा हाई अलर्ट पर, कई जिलों में स्कूल बंद, हाईवे जलमग्न
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 28 और 29 जुलाई के लिए प्रदेश के नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है।
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर विशेष निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि चमोली के सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव से यातायात और स्थानीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट के मद्देनज़र सभी तहसील कंट्रोल रूम और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तैनात सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ, पुलिस, आपदा मित्र तथा अन्य राहत एवं बचाव एजेंसियों को आवश्यक संसाधनों और उपकरणों के साथ पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।
वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एनपीसीसी, ग्रामीण निर्माण विभाग और डीडीएमए को सड़क और पैदल मार्गों को तत्काल सुचारु रखने तथा मशीनरी पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 28 जुलाई को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। विशेष रूप से केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने को कहा गया है।
उधर, चमोली जिले में लगातार मूसलाधार बारिश से कई क्षेत्रों में जलभराव और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी 28 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया है।
नारायणबगड़ विकासखंड के सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास भारी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हो गया है। सड़क पर पानी और मलबा जमा होने से स्थानीय व्यापारियों की दुकानों में पानी घुस रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है और हर मानसून में यही हालात पैदा होते हैं। स्थानीय निवासी संजय कंडारी, कमलेश सती, संदीप पटवाल सहित क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से हाईवे पर स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
आईएमडी के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं अल्मोड़ा, चंपावत, हरिद्वार और पौड़ी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा पुरोला, बड़कोट, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, सोनप्रयाग, थराली, मुनस्यारी, बेरीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट, जसपुर, रुद्रपुर और खटीमा सहित कई क्षेत्रों में बिजली चमकने, तेज हवाओं और अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद बागेश्वर, देहरादून रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, पौड़ी और चमोली जिलों में 28 जुलाई को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।


