उत्तराखंड में सियासत, विकास और विरोध प्रदर्शन। एक क्लिक में पढ़ें 5 बड़ी खबरें
देहरादून। उत्तराखंड में सोमवार को राजनीति, विकास और जनहित से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में रहे। एक ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौनसार-बावर क्षेत्र में करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा की।
वहीं दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में गिरफ्तार केशव नेगी के मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया। दूसरी तरफ गैरसैंण में जमीनों की बिक्री को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने दिखाई दीं।
इसके अलावा एनएसयूआई ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर सचिवालय कूच किया और मुख्यमंत्री ने 6,940 करोड़ रुपये की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
नागथात में सीएम धामी की बड़ी घोषणाएं
जौनसार-बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने सड़क, पुल, पेयजल और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार-बावर की संस्कृति और परंपराएं पूरे उत्तराखंड की पहचान हैं तथा सरकार क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
केशव नेगी की गिरफ्तारी पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड मामले में गिरफ्तार उत्तराखंड निवासी शेफ केशव नेगी के समर्थन में राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि खुलकर सामने आ गए हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत कर मामले में किसी निर्दोष के साथ अन्याय न होने देने का भरोसा मिलने की जानकारी दी।
गैरसैंण में जमीनों की बिक्री पर सियासी संग्राम
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के आसपास बड़े पैमाने पर भूमि बिक्री के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गैरसैंण की जमीनों को भू-माफियाओं के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने तत्काल भूमि खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की। वहीं स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
नीट पेपर लीक के खिलाफ सचिवालय कूच
देहरादून में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए सचिवालय कूच के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
6,940 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा, अफसरों को चेतावनी
मुख्यमंत्री धामी ने सचिवालय में आयोजित बैठक में 6,940 करोड़ रुपये की 12 प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें 15 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। परियोजनाओं में देरी पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए।
उत्तराखंड में सोमवार का दिन विकास योजनाओं, राजनीतिक बयानबाजी, जनआंदोलनों और प्रशासनिक सक्रियता के नाम रहा। आने वाले दिनों में केशव नेगी प्रकरण और गैरसैंण भूमि विवाद राज्य की राजनीति में और अधिक गर्माहट ला सकते हैं।


