राजनीति: देहरादून में राहुल गांधी का बदला हुआ अंदाज। पेपर लीक, पर्यावरण और युवाओं पर फोकस

देहरादून में राहुल गांधी का बदला हुआ अंदाज। पेपर लीक, पर्यावरण और युवाओं पर फोकस

देहरादून। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के देहरादून दौरे में शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण जैसे मुद्दे केंद्र में रहे।

उन्होंने बन्नू मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद किया, पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और अभिभावकों की पीड़ा सुनी तथा लौटते समय एयरपोर्ट–ऋषिकेश मार्ग पर सात मोड़ के पास चल रहे ‘पेड़ बचाओ’ आंदोलन में पहुंचकर आंदोलनकारियों को समर्थन का भरोसा दिया।

राहुल गांधी ने कार्यक्रम से पहले दिवंगत कांग्रेस कार्यकर्ता अमर मेहता के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने छात्रों के बीच शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित होता है, जिससे लाखों परिवारों का भरोसा टूटता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में करोड़ों युवा पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब नीट परीक्षा से जुड़ी छात्रा रिया थापा के पिता राजेश मल्ल ने मंच से अपनी बेटी की कहानी साझा की।

उन्होंने बताया कि पेपर लीक की खबर के बाद उनकी बेटी गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी। राहुल गांधी ने परिवार की पीड़ा सुनी और इस मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दिया।

देहरादून से लौटते समय राहुल गांधी ने सात मोड़ पर भानियावाला–ऋषिकेश मार्ग चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित हजारों पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे आंदोलन में हिस्सा लिया।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन पर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता शालू भाटिया ने आंदोलनकारियों और बच्चों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाया।

राहुल गांधी ने उनकी बातें सुनते हुए भरोसा दिलाया कि पर्यावरण संरक्षण का यह विषय लोकसभा में उठाया जाएगा और उत्तराखंड कांग्रेस भी आंदोलनकारियों के साथ खड़ी रहेगी।

मूसलाधार बारिश के बावजूद कार्यक्रम में उत्तराखंड सहित महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और हरियाणा से बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। राहुल गांधी ने पूरे संबोधन में शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और रोजगार पर फोकस रखा।

उल्लेखनीय बात यह रही कि उन्होंने अपने भाषण में किसी राजनीतिक दल या नेता पर व्यक्तिगत हमला किए बिना छात्रों के मुद्दों को केंद्र में रखा।

कांग्रेस ने इसे युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की पहल बताया, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी की नई रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं।