बिग ब्रेकिंग: देहरादून समेत इन जिलों में 20 जुलाई को स्कूल बंद, देहरादून का समाधान दिवस भी स्थगित

देहरादून समेत इन जिलों में 20 जुलाई को स्कूल बंद, देहरादून का समाधान दिवस भी स्थगित

  • भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन अलर्ट, कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 20 जुलाई के लिए जारी रेड अलर्ट के बाद जिला प्रशासन ने बड़े एहतियाती कदम उठाए हैं।

देहरादून, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल और हरिद्वार सहित कई जिलों में सोमवार, 20 जुलाई 2026 को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

देहरादून में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी तथा अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होने वाला जन समाधान दिवस भी 20 जुलाई को स्थगित कर दिया गया है।

टिहरी गढ़वाल में भी जिलाधिकारी ने रेड अलर्ट के मद्देनजर सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई विद्यालय आदेश का पालन नहीं करता और कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित प्रधानाचार्य या प्रबंधक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

नैनीताल में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने भी कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को घर से बाहर न भेजने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

हरिद्वार में भी मौसम विभाग द्वारा अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद जिला प्रशासन ने सभी राजकीय, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सोमवार को अवकाश घोषित किया है। आदेश का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जिला प्रशासनों ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यावश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

सभी संबंधित विभागों, आपदा प्रबंधन, पुलिस और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।